अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की नकदी और कीमती सामान की कथित चोरी और गबन की जांच चल रही है। इस बीच पुलिस ने जिला राजस्व विभाग से आठ गिरफ्तार आरोपियों के 20 रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों द्वारा की गई जमीन खरीद की जानकारी मांगी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन 20 लोगों की पहचान आरोपियों के करीबी रिश्तेदारों और सहयोगियों के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने चोरी के पैसे या वित्तीय लेनदेन इनके माध्यम से किए हो सकते हैं।

इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के नाम हैं- राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव और करुणेश पांडेय। इनमें राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव को छोड़कर बाकी छह आरोपी मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती के काम में सीधे तौर पर शामिल थे।

पुलिस ने मांगे राजस्व रिकॉर्ड

इस महीने की शुरुआत में यह जानकारी सामने आई थी कि पुलिस ने धन के लेनदेन का पता लगाने के लिए राजस्व रिकॉर्ड मांगे हैं। साथ ही स्थानीय प्रॉपर्टी कारोबारियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने हाल के दिनों में कोई जमीन या अन्य संपत्ति खरीदी है या नहीं।

जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी किए गए पैसे का इस्तेमाल कहां किया गया। अब तक पुलिस ने नकदी, आभूषण और कुछ वाहन बरामद किए हैं जिनके बारे में आशंका है कि उन्हें चोरी के पैसों से खरीदा गया था। अब यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों ने इसी रकम से कोई जमीन या दूसरी अचल संपत्ति भी खरीदी थी।

सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के घरों पर तलाशी के दौरान मिले संपत्ति संबंधी दस्तावेज अपने आप में यह साबित नहीं करते कि संबंधित संपत्तियां कथित तौर पर चोरी किए गए पैसे से खरीदी गई थीं।

इस बीच, पुलिस ने सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव को सात दिन की पुलिस रिमांड पर लेने के लिए स्थानीय अदालत से अनुमति मांगी है।

जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज में दान गिनती कक्ष के छह गिरफ्तार कर्मचारियों को गिनती के दौरान कथित रूप से नकदी छिपाते हुए देखा गया है। हालांकि, पुलिस टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका को लेकर और पुख्ता सबूत जुटाने में लगी है।

सुभाष श्रीवास्तव, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा नियुक्त दान गिनती कक्ष के सुपरवाइजर थे। वहीं टिन्नू यादव, ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के चालक थे। दान की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।