अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पहले फुल-टाइम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने 11 और 12 अगस्त 2026 को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में अंतिम चरण के इंटरव्यू आयोजित किए। इस पद के लिए देशभर से कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवार अंतिम दौर तक पहुंचे।

सर्च कमेटी अब इन 16 उम्मीदवारों के प्रदर्शन और योग्यता का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। इसके बाद कमेटी तीन नामों का पैनल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। अंतिम नियुक्ति का फैसला ट्रस्ट करेगा। पूरी चयन प्रक्रिया को मेरिट, संस्थागत उत्कृष्टता और पारदर्शिता पर आधारित बताया गया है।

5,585 आवेदनों से 16 उम्मीदवारों तक कैसे पहुंची चयन प्रक्रिया?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से जारी प्रेस स्टेटमेंट के मुताबिक, CEO पद के लिए शुरुआती तौर पर 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 3,877 आवेदनों के साथ बायोडाटा भी जमा किए गए थे। सभी उम्मीदवारों से उनकी प्रबंधन क्षमता, बड़े स्तर के आयोजनों और कर्मचारियों को संभालने का अनुभव, व्यक्तिगत उपलब्धियां, भाषा दक्षता, विजन और रणनीतिक योजनाओं से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी।

इसके बाद चयन प्रक्रिया के दूसरे चरण में 1,580 उम्मीदवारों के आवेदन और दस्तावेजों का व्यापक मूल्यांकन किया गया। इनमें से करीब 111 उम्मीदवारों को कई दिनों तक चले ऑनलाइन इंटरैक्शन के लिए आमंत्रित किया गया। इस चरण में उम्मीदवारों के कम्युनिकेशन स्किल, पेशेवर अनुभव, विजन, व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी समझ का आकलन किया गया।

अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों का चयन

ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद 16 उम्मीदवारों को आमने-सामने बातचीत के लिए अयोध्या बुलाया गया। ये उम्मीदवार डिफेंस, ब्यूरोक्रेसी, कॉरपोरेट और इंडस्ट्रियल सेक्टर, शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हैं।

अंतिम चरण में उम्मीदवारों की मैनेजमेंट स्किल, व्यक्तित्व, विजन, रणनीतिक योजना, टेक्नोलॉजी एक्सपर्टीज और नेतृत्व क्षमता पर विशेष ध्यान दिया गया। सर्च कमेटी के मुताबिक, ये 16 उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में अनुभवी और उल्लेखनीय उपलब्धियां रखने वाले पेशेवर हैं।

मंदिर परिसर में बंद कमरे में हुए इंटरव्यू

अंतिम दौर के इंटरव्यू अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर के ग्रीन हाउस में बंद कमरे में आयोजित किए गए। इंटरव्यू से पहले उम्मीदवारों को मंदिर परिसर का दौरा भी कराया गया।

11 और 12 अगस्त को हुए इन इंटरव्यू के बाद अब चयन प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा। सर्च कमेटी सभी 16 फाइनलिस्ट के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी और उनमें से तीन नामों का पैनल तैयार करेगी।

कौन हैं सर्च कमेटी में?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वी.के. चतुर्वेदी, PVSM, AVSM, SM Veteran और न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं।

कमेटी के सदस्यों का अनुभव न्यायपालिका, रक्षा, प्रशासन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रहा है। इसी विशेषज्ञता के आधार पर उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता और इस महत्वपूर्ण संस्थान की जिम्मेदारी संभालने की योग्यता का आकलन किया गया है।

16 उम्मीदवारों में से चुना जाएगा एक CEO

अब सर्च कमेटी 16 फाइनलिस्ट के मूल्यांकन के बाद तीन नामों का पैनल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके बाद ट्रस्ट इन तीन नामों में से एक उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला करेगा।

यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि चुना जाने वाला अधिकारी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पहले पूर्णकालिक CEO के रूप में संस्थान के प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कार्यों में अहम भूमिका निभाएगा। उसके सामने बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के प्रबंधन के साथ-साथ मंदिर परिसर से जुड़े प्रशासनिक, तकनीकी और संस्थागत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।

मेरिट और पारदर्शिता पर जोर

सर्च कमेटी के सचिव समीर पांडा ने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया मेरिट आधारित चयन, संस्थागत उत्कृष्टता और पारदर्शिता की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 5,585 आवेदनों से शुरू हुई प्रक्रिया का अंतिम चरण अब 16 उम्मीदवारों तक पहुंच चुका है।

अब सभी की नजरें सर्च कमेटी द्वारा तैयार किए जाने वाले तीन नामों के पैनल और उसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। ट्रस्ट की घोषणा के साथ यह तय हो जाएगा कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पहले पूर्णकालिक CEO की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है।

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