सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर मंगलवार को 30 दिनों की पैरोल मिल गई है। राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। 2017 के बाद से राम रहीम को मिली 16वीं अस्थायी रिहाई है। इससे पहले राम रहीम को 5 जनवरी 2026 को शाह सतनाम सिंह की जयंती के अवसर पर 40 दिनों की पैरोल पर रिहा किया गया था। 2026 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को मिली यह दूसरी पैरोल है। राम रहीम को इससे पहले 15 बार पैरोल और फरलो दी जा चुकी है।
जेल रिकॉर्ड में राम रहीम को बंदी संख्या 8647/C के रूप में दर्ज किया गया है। गुरमीत राम रहीम सिंह ने अपनी 20 साल की सजा के अब तक पूरे हुए 3193 दिनों में से लगभग 406 दिन रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर बिताए हैं जो लगभग आठ साल और आठ महीने के बराबर है।
किस मामले में जेल में बंद है राम रहीम?
उसे 2017 में एक विशेष CBI अदालत ने दो महिला अनुयायियों के साथ बलात्कार के मामले में दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद 2019 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा दी गई और 2021 में डेरा मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या की साजिश के मामले में भी उसे दोषी ठहराया गया था।
हालांकि बाद में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 2024 में रणजीत सिंह हत्या मामले में और 2026 में राम चंद्र छत्रपति हत्या मामले में राम रहीम को बरी कर दिया।
अब 30 दिन की इस नई पैरोल के साथ डेरा प्रमुख ने अब 2026 के लिए हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिज़नर्स (टेम्पररी रिलीज़) एक्ट, 2022 के तहत अनुमत 10 सप्ताह की पैरोल सीमा पूरी कर ली है। इससे पहले इसी साल जनवरी में राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल दी गई थी।
इस कानून के तहत, कैदी एक कैलेंडर वर्ष में कुल 10 सप्ताह तक पैरोल का लाभ ले सकते हैं, जिसे दो हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है। इसके अलावा उसे 3 सप्ताह की फरलो भी मिल सकती है जिसे विभाजित नहीं किया जा सकता। डेरा प्रमुख इस वर्ष अभी भी 3 सप्ताह की फरलो ले सकता है।
कानून के अनुसार, पैरोल के दौरान बिताया गया समय सजा की कुल अवधि में नहीं जोड़ा जाता जबकि फरलो को सजा में शामिल माना जाता है। यानी फरलो के दौरान बिताया गया समय सजा से घट जाता है और उसे दोबारा काटना नहीं पड़ता जबकि पैरोल में ऐसा नहीं होता।
किस मामले में जेल में बंद है राम रहीम?
साल 2017 में गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों के साथ यौन शोषण के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद डेरा प्रमुख के समर्थकों ने पंजाब- हरियाणा सहित कई राज्यों में जमकर उत्पात मचाया था। इस दौरान करीब 31 लोग मारे गए थे, 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। समर्थकों ने ट्रेन के डिब्बे तक जला दिए थे। हिंसा के बाद पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरे की संपत्ति जब्त कर नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया था। सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा संप्रदाय के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं।
पैरोल और फरलो का अंतर
समय-समय पर राम रहीम को जेल सजा से राहत मिलती रहती है। कभी इसे पैरोल का नाम दिया गया तो कभी फरलो का। यह समझना जरूरी है कि फरलो और पैरोल में अंतर होता है। एक तरफ पैरोल तो सजा मिलने के एक साल बाद भी मिल सकती है लेकिन फरलो सिर्फ उन्हीं कैदियों को दी जाती है जिनकी सजा कई सालों की रहती है। वहां भी जब तीन साल की सजा पूरी कर ली जाती है, उसके बाद से कैदी को फरलो दी जा सकती है।
नियम ये भी रहता है कि पैरोल में कैदी जितने दिन भी बाहर रहता है, उतना समय उसे बाद में जेल में काटना भी पड़ता है। उदाहरण के लिए अगर 21 दिन की पैरोल मिली है तो बाद में 21 दिन की अतिरिक्त सजा भी काटनी पड़ेगी। वहीं फरलो के साथ ऐसा कोई नियम नहीं जुड़ा होता है। लेकिन फरलो जितनी बार ली जाती है, उसके दिन उतने ही कम होते जाते हैं।
