राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आप सांसद संजय सिंह ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को क्लीनचिट दिए जाने की खबरों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने एक्स पर बताया कि वे SIT को सबूत देना चाहते हैं, इसके लिए SIT अध्यक्ष को ईमेल भेजा है।

संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टेटस रिपोर्ट मांगे जाने और मीडिया में क्लीन चिट की खबरों के फर्क को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा को एसआईटी क्लीन चिट कैसे दे सकती है? साथ ही उन्होंने एसआईटी को जमीन घोटाले से संबंधित 26 दस्तावेज देने के लिए उनसे समय भी मांगा है।

पांच मिनट में 2 करोड़ की जमीन 18 करोड़ से अधिक में बिकी

आप सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि चंपत राय के हस्ताक्षर वाले ये दस्तावेज 2 करोड़ की जमीन 5 मिनट में साढ़े 18 करोड़ में खरीदने जैसे भ्रष्टाचार के पुख्ता प्रमाण हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्य आरोपियों को बचाना प्रभु श्री राम और राम भक्तों के साथ विश्वासघात है, जिसके खिलाफ वे कल लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

जमीन घोटाले से जुड़े 26 दस्तावेज सांसद के पास

सांसद ने एक्स पर दावा किया कि उनके पास जमीन घोटाले से जुड़े 26 दस्तावेज हैं, जिस पर चंपत राय और अनिल मिश्रा के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने दस्तावेज देने के लिए एसआईटी अध्यक्ष से समय की मांग की।

एक्स पर लिखा पोस्ट

एक्स पर संजय सिंह ने लिखा, “चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट कैसे दे सकती है SIT? मेरे पास जमीन घोटाले से संबंधित 26 दस्तावेज़ हैं जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के हस्ताक्षर हैं। मैंने SIT के अध्यक्ष किरन. यस से सारे दस्तावेज देने के लिए समय मांगा है।”

एसआईटी अध्यक्ष को भेजा मेल

आप सांसद ने पोस्ट में एक ईमेल का स्क्रीनशॉट भी लगाया है, जिसमें उन्होंने एसआईटी अध्यक्ष को संबोधित करते हुए लिखा, “इस संबंध में मैंने पूर्व में गठित एसआईटी को जमीन घोटालों से संबंधित 13 दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। वर्तमान में मेरे पास जमीन घोटाले से संबंधित 13 दस्तावेज और हैं। इस प्रकार जमीन घोटाले से संबंधित सभी 26 दस्तावेज आपको देना चाहता हूं, जो आपकी जांच में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। इन दस्तावेजों के जरिए प्रकरण की वास्तविकता को उजागर करने और भ्रष्ट्राचार का खुलासा करने में जांच दल को मदद मिल सकती है।”

संजय सिंह ने मांगा समय

आगे उनसे समय की मांग करके हुए लिखा, “सभी सबूत एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने हेतु 20 से 23 अगस्त के बीच कोई समय निर्धारित करें।”

संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब मामला अभी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है और स्टेटस रिपोर्ट मांगी जा रही है, तो आरोपियों को क्लीन चिट कैसे मिल गई? उन्होंने पूछा कि आखिर इन दोनों में से कौन सी खबर सही है, यह स्पष्ट होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के दौरान एसआईटी को अपनी स्टेटस रिपोर्ट जल्द जांच पूरी कर देने का निर्देश दिया है।

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राम मंदिर दान मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने SIT से कहा कि वह जल्द जांच पूरी करे और उसे तार्किक नतीजे तक पहुंचाए। सुप्रीम कोर्ट ने SIT को मामले की जांच में हुई प्रगति पर स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जमा करने के लिए कहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें