राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पुलिस ने शनिवार को जेल में बंद आठों आरोपियों के घर पर एकसाथ छापेमारी की। इस पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा और संघ पर निशाना साधा है।
आप सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर मामले में कहा, “अगर पूछताछ करनी थी तो जो चंदा चोर पकड़े गए थे उनसे क्यों नहीं की? क्योंकि अगर पूछताछ में वो लोग कहीं बोल देते कि इस माल का हिस्सा चंदा चोर पार्टी को भी गया है, दिल्ली भी गया है, नागपुर भी गया है। विधायक खरीदने में भी गया है, सांसद खरीदने में भी गया है। सारी डिटेल सामने आ जातीं।”
डेढ़ हजार दिन की जांच क्यों नहीं कराई- संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा, “सीसीटीवी फुटेज के जरिए सामने आया कि 40 दिन में 70 बार चोरी हुई तो डेढ़ हजार दिन की जांच क्यों नहीं कराई। ये चोरी तो पांच-छह साल से हो रही है क्योंकि महिपाल सिंह का बयान 2020-2021 का है। उसने बताया था कि यहां चढ़ावे में चोरी हो रही। महिपाल ने कहा, “मैंने सूचना दी थी कि चंपत राय और गोपाल राव को, तो मुझे हटा दिया गया।”
चंपत राय के अलावा कई बड़े लोगों का हाथ
;चढ़वा चोरी मामले में चंपत राय के अलावा कई बड़े लोगों का हाथ होने का इशारा करते हुए संजय सिंह ने कहा,” क्या आपको लगता है कि इतनी बड़ी चोरी सिर्फ चंपत राय और उनके गुर्गों ने की है। ऐसा संभव नहीं है क्योंकि पीएमओ ने हिसाब मांगा तो चंपत राय ने मना कर दिया। उसने कहा कि हम नहीं देंगे हिसाब। अगर वो हिसाब में बता देता कि पांच करोड़ रुपये विधायक खरीदने में दिए तो बवाल मच जाता। पूरे देश में चंदा चोर पार्टी की पोल खुल जाती। वो बता देता कि नागपुर इतना पहुंचाया था। बता देता कि गोपालराव इतनी गड्डियां लेकर गया उसका साथ का आदमी। ट्रेन से लेकर बोरे में जाता था।”
मंदिर निर्माण में 40 फीसदी कमीशन लिया गया- आप सांसद
मंदिर प्रकोष्ठ बनाकर हजारों करोड़ रुपये पैसा इकट्ठा किसने किया, चंदा चोर पार्टी यानी कि भारतीय जनता पार्टी, उनके विधायकों, मंत्रियों, सांसदों ने। उन्हीं लोगों ने पैसा इकट्ठा किया मंदिर प्रकोष्ठ बनाकर, उनसे पूछताछ क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में 40 प्रतिशत कमीशन लिया गया।
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अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। रविवार को सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी की गई। आरोपियों के पड़ोसियों से भी सवाल-जवाब किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
