राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला की कस्टडी मिलने के बाद अयोध्या पुलिस दूसरे आरोपियों की कस्टडी भी कोर्ट से मांग करेगी। रविवार को पुलिस ने जेल के अंदर पूछताछ करने की कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद, अभी ज्यूडिशियल कस्टडी में मौजूद सात आरोपियों में से तीन से पूछताछ की।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि बाकी चार आरोपियों से सोमवार को पूछताछ की जाएगी। आगे सूत्रों ने बताया कि आरोपियों से उनकी कथित भूमिकाओं के साथ-साथ इस हफ्ते की शुरुआत में उनके घरों की तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों और दूसरी चीजों के बारे में भी पूछताछ की गई है।

कोर्ट से मागेंगे कस्टडी

एक पुलिस अधिकारी ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “पूछताछ के दौरान मिले जवाबों के आधार पर हम अधिक डिटेल में पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी मांगेंगे।”

अब तक अयोध्या पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, इसमें अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। इनमें से छह लोग वोटों की गिनती की प्रक्रिया में शामिल थे। सभी पिछले सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

टिन्नू यादव और सुभाष भी शामिल रहे

अधिकारी ने कहा, “हमें ऐसे सबूत भी मिले हैं जिनसे दो अन्य आरोपियों राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की कथित संलिप्तता का पता चलता है।”

पुलिस को अविनाश शुक्ला से क्या-क्या मिले?

पिछले शुक्रवार को पुलिस को अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की कस्टडी मिली और उन्होंने उसकी एक कार बरामद की। पुलिस की एक अलग टीम, आरोपी और उनके परिवार के सदस्यों की जमीन और दूसरी संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। स्थानीय सूत्रों और प्रॉपर्टी डीलरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध जमीन की खरीद की लिस्ट बनाने के बाद, पुलिस ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट से ये दस्तावेज हासिल किए।

उनकी संपत्तियों के बारे में की जाएगी पूछताछ

पुलिस ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में काम शुरू करने के बाद खरीदी गई संपत्तियों के बारे में आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और उनसे यह बताने को कहा जाएगा कि इन खरीद के लिए पैसे कहाँ से आए।

अधिकारी ने आगे कहा, “उन्हें इन संपत्तियों को खरीदने में इस्तेमाल किए गए फंड के सोर्स के बारे में बताने का मौका दिया जाएगा। अगर वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते हैं, तो हम जांच करेंगे कि क्या कोई संपत्ति चढ़ावे में से कथित तौर पर चुराए गए पैसे से खरीदी गई थी और कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करेंगे।”

चोरी कई महीनों से हो रही थी- पुलिस

अधिकारी ने कहा, “आरोपियों के बयानों से पता चलता है कि चोरी कई महीनों से हो रही थी और इसमें शामिल लोग एक-दूसरे की गतिविधियों के बारे में जानते थे। काउंटिंग सेंटर में लगे CCTV फुटेज में आरोपी साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे और यह जांच का हिस्सा होगा।”

बैंक अधिकारी और फर्म मालिक से भी होगी पूछताछ

चूंकि दान की गिनती करने वाले लोगों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ओर से अनुबंधित एक प्राइवेट एजेंसी सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज के जरिए काम पर रखा गया था, ऐसे में पुलिस का कहना है कि वे सिक्योरिटी सर्विस फर्म के मालिक और मैनेजर से पूछताछ करेंगे। जांच के हिस्से के तौर पर SBI अधिकारियों से भी पूछताछ किए जाने की उम्मीद है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “एक बार जब हम गिरफ्तार किए गए लोगों की कथित भूमिकाओं का पता लगा लेंगे, तो हम बड़ी जांच के हिस्से के तौर पर फर्म के मालिक और बैंक अधिकारियों से पूछताछ शुरू करेंगे। उनकी भूमिकाओं की भी जांच की जा रही है।”

यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ‘जघन्य पाप है’, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी ने जारी किया पहला बयान, बोले- कोष का हिसाब-किताब सुरक्षित

श्री राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे की कथित चोरी का मामला राष्ट्रीय विमर्श का मुद्दा बना हआ है। इस मुद्दे पर अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष और संत स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने इस कथित चढ़ावा चोरी की घटना पर दुख व्यक्त किया है और इसे जघन्य पाप बताया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें