अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दान की रकम के गबन से जुड़े आरोपों को लेकर गुरुवार को 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। वहीं, अब इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रमाशंकर यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष कुमार यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या के ही थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मंदिर ट्रस्ट ने ये FIR, एसआईटी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज कराई है। पुलिस के मुताबिक, ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। विशेष जांच दल (SIT) की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मुकदमे में अनुकल्प मिश्रा और टिन्नू यादव को नामजद किया गया है।

SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट यूपी सरकार को सौंपी

इससे दो दिन पहले मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट में दान निधि की देखरेख में शामिल लोगों, गिनती और बैंकिंग प्रक्रिया में लगे लोगों और सीसीटीवी फुटेज के रखरखाव के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम बताए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

विहिप ने FIR दर्ज किये जाने का स्वागत किया

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने अयोध्या में राम मंदिर में दिये गये दान और चढ़ावे में गबन के मामले को लेकर गुरुवार को मुकदमा दर्ज किये जाने का स्वागत किया। विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हम मुकदमा दर्ज किये जाने का स्वागत करते हैं। हम यह उम्मीद भी करते हैं कि इस मामले में जांच तेजी से होगी और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलेगी।”

आलोक कुमार ने कहा कि इस विवाद से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं। वीएचपी अध्यक्ष ने कहा, ”मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को जैसे ही एसआईटी की रिपोर्ट में आरोपियों के नाम पता चले, उसने मुकदमा दर्ज कराने में जरा भी देर नहीं की।”

मुकदमे में सिर्फ मामूली आरोपियों के ही नाम होने के आरोपों के बारे में आलोक कुमार ने कहा कि पुलिस जांच का दायरा सिर्फ एफआईआर में बताए गए नामों तक सीमित नहीं होता। उन्होंने कहा, ”जांच के दौरान अगर दूसरों की भूमिका सामने आती है तो पुलिस जांच का दायरा बढ़ाने और उनसे भी पूछताछ करने के लिए आजाद है बल्कि ऐसा करना उसका फर्ज है।”

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उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। इस संबंध में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या के ही थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके चलते पुलिस ने ने FIR दर्ज की है। मंदिर ट्रस्ट ने ये FIR, एसआईटी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज कराई है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

(भाषा के इनपुट के साथ)