Ram Mandir Donation Controversy: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। इस संबंध में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या के ही थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके चलते पुलिस ने ने FIR दर्ज की है। मंदिर ट्रस्ट ने ये FIR, एसआईटी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज कराई है।

पुलिस के मुताबिक, ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है। कहा जा रहा है कि एफआईआर में छह लोगों को नामजद किया गया है। जानकारी के मुताबिक, ये कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। यूपी सरकार के निर्देश पर बीएनसी के तहत 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है।

SIT की रिपोर्ट में किन लोगों का नाम?

गौरतलब है कि विशेष जांच दल (SIT) की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मुकदमे में अनुकल्प मिश्रा और टिन्नू यादव को नामजद किया गया है। राम मंदिर में चढ़ावे के संग्रहण और जमा प्रक्रिया की जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने पर यह कार्रवाई की गई। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

सीसीटीवी फुटेज का मुद्दा

रिपोर्ट में दान निधि की देखरेख में शामिल लोगों, गिनती और बैंकिंग प्रक्रिया में लगे लोगों और सीसीटीवी फुटेज के रखरखाव के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम बताए गए हैं। एसआईटी ने मतगणना और बैंक में जमा राशि की गिनती की प्रक्रिया में पहले से शामिल सभी लोगों को हटाने का काम पहले ही सुनिश्चित कर लिया है।

एसआईटी की सिफारिशों में कथित गबन के संबंध में एफआईआर दर्ज करना शामिल था ताकि कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा सके, चोरी और अनुपातहीन आय के बारे में सबूत एकत्र किए जा सकें और इसमें शामिल कड़ियों और नेटवर्क का मानचित्रण किया जा सके।

सीएम योगी ने मांगी थी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कथित गबन के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को सार्वजनिक करने में सुविधा प्रदान करने के लिए प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी थी।

एसआईटी के सदस्य अपनी जांच जारी रखेंगे और उनसे दो सप्ताह के भीतर पूर्ण निष्कर्षों और सिफारिशों सहित एक पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है। ये आरोप अयोध्या के राम मंदिर में प्राप्त दान राशि और मूल्यवान वस्तुओं के दुरुपयोग से संबंधित हैं, जो भारत के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है।

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राम मंदिर दान विवाद पर कारसेवकपुरम के प्रभारी पुजारी ने कहा कि मंदिर में जो कुछ भी दान में आया है सब कुछ वहां रखा है, जो भी देखना चाहते हैं आकर देख सकते हैं। साकेत भवन पीठाधीश्वर सीताराम दास जी महाराज ने भी कहा कि मैं कारसेवकपुरम गया और वहां काकाभुशुंडी की पूजा होते हुए देखी। उन्होंने लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील की। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें