Ram Mandir Donation Controversy: श्री राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी घोटाले को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस विवाद को सीधे तौर पर बीजेपी-आरएसएस का गंठजोड़ वाला ‘घोटाला’ बताया है। इसके अलावा कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की इस मामले में चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि बीजेपी की राजनीति अब वोट चोरी, सीट चोरी, चंदा चोरी की तीन तरफा रणनीति के इर्द-गिर्द घूमती है। जयराम रमेश ने राम मंदिर विवाद की आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक और निंदनीय बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह संगठन, जो अक्सर ईमानदारी और राष्ट्रवाद को कायम रखने का दावा करता है, वह आरोपों की गंभीरता को दूर करने में विफल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

जयराम रमेश ने दावा किया कि हजारों करोड़ रुपये के दान की रकम का गबन किया गया है और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक मौजूदा जज की निगरानी में जांच और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।

इसके अलावा कांग्रेस नेता कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि बेशक आरोपियों के खिलाफ सख्त-से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी को लेकर भी है, क्योंकि ये चौंकाने वाली है।

जयराम रमेश ने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर के निर्माण और उद्घाटन का श्रेय लिया था, उन्हें इस विवाद पर सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम प्रधानमंत्री से, जिन्होंने राम मंदिर के निर्माण का श्रेय लिया था, एक बयान की उम्मीद करते हैं। वे पूरी तरह से चुप हैं।”

भाजपा-आरएसएस पर सवाल

कांग्रेस नेता ने चंदे में कथित अनियमितताओं को बीजेपी की पिछली वित्तपोषण प्रथाओं से जोड़ा। इसका जिक्र उन्होंने अब रद्द हो चुकी चुनावी बांड योजना के संदर्भ में भी किया। जयराम रमेश ने आरोप लगाया, “चुनावी बांड योजना याद कीजिए। इसे सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। सैकड़ों करोड़ रुपये वसूले गए थे, ‘चंदा दो धंधा लो’। तो यह सारा ‘चंदा धंधा’ भाजपा के डीएनए का हिस्सा है।”

जयराम रमेश ने आगे दावा किया श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य भाजपा-आरएसएस के तंत्र से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे और सवाल उठाया कि क्या वरिष्ठ नेता कथित तौर पर जो कुछ हुआ था उससे अनभिज्ञ थे। उन्होंने कहा कि यह सोचना कि आरएसएस को पता नहीं था कि क्या हो रहा है, यह सोचना कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पता नहीं था कि क्या हो रहा है। यह पूरी तरह से कल्पना से परे हैं।

जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव निपेंद्र मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे। कांग्रेस लगातार बीजेपी-आरएसएस पर हमलावर है, जबकि बीजेपी कानूनी कार्रवाई का जिक्र कर रही है।

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