ताज़ा खबर
 

कृषि कानूनों पर केंद्र को शुक्रिया अदा करने वालों पर बोले राकेश टिकैत- हमें भी उनकी खेती की टेक्नोलॉजी पूछ कर बता दो

इसी शो के दौरान एंकर ने कहा कि केरल, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में तो यह आंदोलन नहीं चल रहा है। इसीलिए सरकार इसे सिर्फ तीन राज्यों का आंदोलन कह रही है।

किसान नेता राकेश टिकैत। फोटो सोर्स-

एबीपी न्यूज पर एंकर सुमित अवस्थी के साथ एक इंटरव्यू में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हमें भी मोदी सरकार की नई टेक्नोलॉजी के बारे में सिखा दो। दरअसल साक्षात्कार के दौरान एंकर ने राकेश टिकैत से कहा कि एमएसपी पर कानून क्यों जरुरी है? आज तक आपने प्रदर्शन क्यों नहीं किया? इसपर राकेश टिकैत ने कहा कि हमारी मांग सीधी सी है कि एमएसपी पर कानून बनाइए। इसका जवाब देते हुए एंकर सुमित अवस्थी ने कहा कि सरकार तो कानून बनाने के लिए तैयार है। सुमित अवस्थी ने कहा कि सरकार ने किसानों से बातचीत की थी।

इसपर राकेश टिकैत ने कहा कि किसी भी किसान से बातचीत नहीं हुई। तो एंकर ने कहा कि जहां से आप आते हैं, पश्चिम यूपी के कई किसानों ने मिलकर कृषि मंत्री को इस कानून पर धन्यवाद किया है। वो लोग इसकी खूबियां गिना रहे हैं। इसपर राकेश टिकैत ने कहा कि वो तो खूबियां गिनाएंगे ही, मजबूरी है उनकी, जो-जो किसान संगठन सरकार का समर्थन कर रहे हैं उनका नाम बता दो हम उनसे टेक्नोलॉजी पूछ लेंगे और क्या फसले उन्होने बेची पूछ लेंगे उनसे। मेरे कहने का मतलब है कि उन किसानों ने कौन सी टेक्नोलॉजी से खेती की, कहां फसलें बेची यह हमें वो बता दें हम भी सीख लेंगे।

इसी शो के दौरान एंकर ने कहा कि केरल, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में तो यह आंदोलन नहीं चल रहा है। इसीलिए सरकार इसे सिर्फ तीन राज्यों का आंदोलन कह रही है।

इसपर राकेश टिकैत ने कहा कि नहीं चल रहा तो चल जाएगा। हम आंदोलन करेंगे। इसपर एंकर सुमित अवस्थी ने कहा कि हां आप बिल्कुल आंदोलन करिए यह आपका संवैधानिक अधिकार है। लेकिन यह देश प्रजातांत्रिक तरीके से चलेगा, कानून के मुताबिक चलेगा।

Next Stories
1 RS से ‘आजाद’ हुए ‘गुलाम’: कांग्रेस MP की विदाई पर 1 कॉल का जिक्र कर रुआंसे हुए PM, बताई क्या हुई थी दोनों में बात
2 किसान आंदोलन के बीच क्यों छलक आए थे राकेश टिकैत के आंसू? BKU नेता बोले- ये किसान का आंसू था, अत्याचार न करेंगे बर्दाश्त
3 बचाए गए लोगों ने सुनाई आपबीती: अंधेरी सुरंग में मोबाइल बना उम्मीद की किरण
यह पढ़ा क्या?
X