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राकेश टिकैत की केंद्र को धमकी- बॉर्डर खाली कराने का दुस्साहस ना करे सरकार, उन्हीं की भाषा में जवाब मिलेगा

टिकैत बोले, "हमने कोई सड़क नहीं बंद की, सरकार ने रास्ते रोके हैं। हमने किसानों से कहा है कि वे बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ें। हमारी मांग जो पहले थी, वही अब भी है। सरकार कानून वापस ले।"

farmer movementराजस्थान के सीकर मे किसान महापंचायत में भाग लेने जाते भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत। (फोटो- पीटीआई)

केंद्र की तीन कृषि कानूनों को लेकर तीन महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसान नेताओं ने अब राजनीतिक तरीके से विरोध जताना शुरू कर दिया है। पहले नेताओं ने कहा था कि उन्हें राजनीति से कोई मतलब नहीं है, लेकिन अब वे कह रहे हैं कि जहां-जहां विधानसभाओं के चुनाव हो रहे हैं, वहां-वहां की जनता से कहेंगे कि वे केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को वोट न दें। दिल्ली के गाजीपुर बार्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत से जब मीडिया ने इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “बार्डर खाली कराने का दुस्साहस न करे सरकार, उन्हीं की भाषा में जवाब मिलेगा।”

उन्होंने कहा कि “हम राजनीति नहीं कर रहे हैं, लेकिन जो जैसा समझता है उसको उसी तरह समझाते हैं।” कहा, “अप्रैल में बंगाल जाएंगे और लोगों को सरकार की नीतियां बताकर उनसे भाजपा को वोट नहीं देने की अपील करेंगे।” टिकैत ने कहा, “सरकार बोली है कि कहीं भी उपज बेचो. तो ठीक है हम पार्लियामेंट के सामने बेचेंगे। जो हमें रोकने की कोशिश करेगा, उसको वहीं समझाएंगे।” कहा, “हमें तो अभी मालूम चला है कि नई मंडी के बारे में, दिल्ली की पार्लियामेंट नई मंडी है, वहीं बेचेंगे, देखते हैं कि यह सरकार कितनी उपज हमसे खरीदती है।”

बीकेयू नेता बोले, “हमने किसानों से कहा है कि लड़ाई लंबी है। वे राशन-पानी लेकर तैयार बैठें। यह सरकार बेशरम है। आसानी से नहीं सुनती है। इसके लिए दिल्ली में पार्लियामेंट में चलकर आंदोलन करना पड़ेगा।”

किसान नेता राकेश टिकैत बोले, “राजस्थान के किसान तो तैयार हो गए हैं। वे बहुत जल्द अपने ट्रैक्टर लेकर दिल्ली कूच करेंगे। वहां पर सरकार को घेरेंगे।” कहा कि सरकार हमें रोकेगी तो हम सरकार को ही रोक देंगे।

वे बोले “हमने कोई सड़क नहीं बंद की, सरकार ने रास्ते रोके हैं। हमने किसानों से कहा है कि वे बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ें। सरकार से हम नहीं डरते हैं। हमारी मांग जो पहले थी, वही अब भी है। सरकार कानून वापस ले ले और कमेटी बना दे, एमएसपी पर बातचीत करने के लिए तो हम आंदोलन बंद कर देंगे। फिलहाल तो आंदोलन लंबा चलेगा। हम अभी कोई बातचीत नहीं करेंगे।”

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