ताज़ा खबर
 

किसान आंदोलन को लेकर ममता बनर्जी से मिलेंगे राकेश टिकैत, चुनाव के समय भी गए थे कोलकाता

तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। पिछले कई महीनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए हैं। सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता के बाद भी दोनों पक्ष के बीच कोई फैसला नहीं हो पाया।

राकेश टिकैत ने सरकार से कृषि कानून वापस लेने को कहा (Photo- Indian Express)

कोरोना के कम होते मामलों के बीच एक बार फिर से किसान आंदोलन को तेज करने की कवायद शुरू हो गयी है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत आज बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे। हालांकि राकेश टिकैत ने कहा है कि वो ममता बनर्जी से मिलकर बंगाल के किसानों की समस्या के समाधान की बात करेंगे।

बताते चलें कि ममता बनर्जी शुरू से ही किसान आंदोलन को समर्थन करती रही है। केंद्र सरकार की तरफ से जब संसद में तीन नए कृषि कानून लाए गए थे तब भी उनकी पार्टी ने इसका विरोध किया था। टीएमसी के सांसदों ने दिल्ली सीमा पर बैठे किसानों से जाकर मुलाकात भी की थी। बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान राकेश टिकैत ने भी बीजेपी के विरोध में प्रचार किया था। बंगाल की सभाओं में उन्होंने बीजेपी को किसान विरोधी बताया था। उम्मीद की जा रही है कि इन दोनों नेताओं के बीच के मुलाकात में आंदोलन की आगे की रणनीति पर भी चर्चा होगी।

गौरतलब है कि किसान नेता राकेश टिकैत कई बार मंचों से कह चुके हैं कि वो स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन देश भर में लोगों को जागरूक करने का काम जरूर करेंगे। हाल के दिनों में टिकैत लगातार राज्यों का दौरा कर रहे हैं जिसे मोदी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है।

किसानों का आंदोलन जारी है: तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। पिछले कई महीनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए हैं। सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता के बाद भी दोनों पक्ष के बीच कोई फैसला नहीं हो पाया। जिसके बाद से सरकार और किसानों के बीच डेडलॉक जारी है। दोनों ही पक्षों के बीच अंतिम बार वार्ता 22 जनवरी को हुई थी।

बताते चलें कि हाल ही में नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने कहा है कि किसानों को सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिये कृषि कानूनों को एकदम से निरस्त करने की मांग के बजाए खामियों को स्पष्ट रूप से बताने के बारे में ‘कुछ संकेत’ देने चाहिए। भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने 29 अप्रैल को कहा था कि जब भी सरकार चाहे, किसान संगठन केंद्र के साथ तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए तैयार हैं। लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चर्चा कानून को निरस्त करने के बारे में होनी चाहिए।

Next Stories
1 यूपी के प्रयागराज में शुरू हुई ऑनलाइन श्राद्ध की योजना, लाइव दिखाया जाएगा अस्थि विसर्जन
2 कांग्रेस प्रवक्ता बोले- बीच में फुटबॉल न बनो तो हाथ जोड़ संबित पात्रा ने कहा- गलती हो गई
3 जब लालू यादव बोले थे, साक्षी महाराज जैसे लोगों के साथ हो रही दंगे की साजिश, कहा- क्यों करें मोदी की तारीफ?
ये पढ़ा क्या?
X