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गोदाम टूटेंगे तब आएगा लचीलापन, राकेश टिकैत बोले, ये बीजेपी की नहीं, कंपनी की सरकार है, लिया मोदी का भी नाम

किसान नेता राकेश टिकैत ने बीजेपी और मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर देश में किसी पार्टी की सरकार होती तो लचीलापन आ जाता, ये तो कंपनी की सरकार है। बड़े-बड़े गोदाम तोड़े जाएंगे तब जाकर लचीलापन टूटेगा।

karnatakaकिसान नेता राकेश टिकैत।(PTI)।

किसान नेता राकेश टिकैत ने बीजेपी और मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर देश में किसी पार्टी की सरकार होती तो लचीलापन आ जाता, ये तो कंपनी की सरकार है। बड़े-बड़े गोदाम तोड़े जाएंगे तब जाकर लचीलापन टूटेगा। टिकैत ने कहा कि बीजेपी तो खत्म हो गई। सबसे पहले तो इन्हें अपनी पार्टी को बचाना चाहिए। टिकैत ने दावा किया कि बीजेपी के लोग भी उनके साथ जुड़े हुए हैं। टिकैत ने कहा कि हमारा आंदोलन तो तभी मजबूत कहलाएगा जब मजबूत सरकार से लड़ाई लड़ी जाएगी।

बता दें कि दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा किसान आंदोलन कई वजहों से ठंडा होता दिख रहा है। तेज गर्मी, यूपी में पंचायत चुनाव और गेहूं की कटाई की वजह से आंदोलन पर असर पड़ रहा है। इस बीच कोरोना महामारी भी अपना असर दिखा रही है। लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत आंदोलन में जान फूंकने में लगे हुए हैं। हापुड़ में किसानों ने आंदोलन को तेज करने का नगाड़ा बजाया। नए सिरे से किसान आंदोलन को खड़ा करने के लिए किसान नेता टिकैत यूपी के हापुड़ पहुंचे। जहां किसानों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार पर असर पड़ने में अभी और समय लगेगा। टिकैत ने कहा कि सरकार दिल्ली में है ही नहीं सरकार तो बंगाल में चुनाव लड़ने गई है। गाजीपुर बॉर्डर पर कम होती किसानों की संख्या को लेकर टिकैत ने किसानों से कहा कि वे प्रदर्शन की जगह पर पहुंचें।

टिकैत ने कहा कि अभी कहां लंबा वक्त हो गया। अभी एक साल भी नहीं हुआ। कोई प्रधान बन जाता है तो वह यह नहीं चाहता कि चुनाव हों , वो तो ये चाहता है कि मुझे पांच साल और मिल जाएँ। जब जमीन, मकान और प्रोमोशन किसी को छोटा नहीं चाहिए तो आंदोलन छोटा कैसे काम कर जाएगा, आंदोलन तो बड़ा होना चाहिए।

टिकैत ने कहा कि हम अपने आंदोलन के लिए पूरे देश में जाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि बंगाल में क्या होगा। तो टिकैत ने कहा कि हमें क्या पता, हम कोई ज्योतिषी थोड़े ही हैं।

टिकैत ने कहा कि गुजरात के किसान को मुक्त कराना होगा। कहने को तो गुजरात मॉडल बताया जा रहा है लेकिन गुजरात का किसान बहुत परेशान है। गुजरात में सरकार का राज नहीं पुलिस राज है।

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