धर्म-जाति के नाम पर समाज को भिड़ाना BJP का राष्ट्रधर्म- कृषि कानूनों को लेकर राकेश टिकैत का निशाना

राकेश टिकैत ने कहा कि भाजपा का राष्ट्रधर्म समाज को जाति धर्म के नाम पर बांटना है जबकि किसान यूनियन का कर्तव्य सबका पेट भरना है चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो।

rakesh tikait, farmers protest
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत। फोटो- एक्सप्रेस, भूपेंद्र राणा

आंदोलन के सात महीने बीत जाने का बाद भी किसान दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं। कई बार विवाद होने के बावजूद किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोलते रहते हैं। अब उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि धर्म और जाति के नाम पर समाज को लड़ाना ही भाजपा का राष्ट्रधर्म है।

राकेश टिकैत ने एक तस्वीर भी ट्वीट की जिसमें लिखा हुआ है ‘भारतीय वाल्मीकि संघ।’ दरअसल भारतीय वाल्मीकि संघ ने उनका स्वागत किया था। उन्होंने पांच जुलाई को गाजीपुर में वाल्मीकि किसान पंचायत करने का भी ऐलान किया । उन्होंने कहा, किसान यूनियन का राष्ट्रधर्म सभी जाति-धर्म के लोगों का पेट भरना और उन्हें एक सूत्र में बांधना है।

जब राकेश टिकैत के केबिन में दिखी थी एसी, कुछ लोग कमेंट करने लगे तो कुछ उतरे समर्थन में

राकेश टिकैत भाजपा की केंद्र सरकार और यूपी सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक चुके हैं। उन्होंने कई बार कहा है कि किसान आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक ये तीनों कानून वापस नहीं लिए जाते, चाहे 2024 तक प्रदर्शन करना पड़े। वहीं टिकैत ने खुलकर कहा है कि उत्तर प्रदेश में वह लोगों से अपील करेंगे कि भाजपा को वोट न दें, बाकी किसी भी पार्टी को वोट दे सकते हैं।

बता दें कि राकेश टिकैत बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल भी पहुंचे थे। वहीं भी उन्होंने भाजपा के खिलाफ वोटिं करने की अपील की थी। हालांकि वह यह बात कभी स्वीकार नहीं करते कि वह किसी राजनीतिक पार्टी का साथ दे रहे हैं। विपक्ष खुलकर किसान आंदोलन के पक्ष में खड़ा है। दो दिन पहले टीएमसी नेता यशवंत सिन्हा भी राकेश टिकैत से मुलाकात करने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे थे।

राकेश टिकैत ने यह भी कहा है कि अगर सरकार बात नहीं मानती है तो किसान एक बार फिर दिल्ली में प्रवेश कर जाएंगे और ट्रैक्टर रैली इस बार संसद भवन तक जाएगी। वह 26 जनवरी की हिंसा के लिए भी सरकार और दिल्ली पुलिस को ही जिम्मेदार ठहरते हैं और कहते हैं कि यह किसानों के खिलाफ की गई साजिश थी।

अपडेट