scorecardresearch

सरकार के इशारे पर हुआ सब कुछ, BKU में टूट पर बोले टिकैत- 1 नोटिस से डर गए कुछ किसान नेता

भारतीय किसान यूनियन ने अराजनैतिक के नाम से नया संगठन बनाया है जिसमें राजेश सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह मलिक, अनिल तालान, हरनाम सिंह वर्मा, बिंदु कुमार, कुंवर परमार सिंह, नितिन सिरोही समेत तमाम नेता शामिल हुए हैं।

Rakesh Tikait | Farmer protest| loudspeaker
किसान नेता राकेश टिकैत (फाइल फोटो – पीटीआई)

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के सूत्रधार रहे भारतीय किसान यूनियन में दरार पड़ गयी है। किसान आंदोलन का बड़ा चेहरा रहे राकेश टिकैत और उनके भाई नरेश टिकैत को संगठन से अलग कर दिया गया है। नया संगठन भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नाम से काम करेगा, जिसका अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान को बनाया गया है। जिसके बाद राकेश टिकैत ने कहा कि ये सब कुछ सरकार के इशारे पर हुआ है।

राकेश टिकैत ने BKU में टूट पर अपनी बात रखते हुए कहा, ‘हमने मनाने की कोशिश की थी। मैं लखनऊ भी गया था। राजेश सिंह मान भी गए थे, पर लगता है कि ज्यादा प्रेशर था। सरकार अपनी मंशा में कामयाब हो गई। ये सब कुछ सरकार के इशारे पर हुआ है। कुछ लोगों के जाने से संगठन पर असर नहीं पड़ेगा।

सरकार ने नोटिस से डरा दिया: टिकैत का कहना है कि इसके पीछे सरकार है। सरकार ने नोटिस से डरा दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से जनवरी 2021 में लोगों ने सरेंडर किया था, उसी तरीके से आज भी चंद लोगों ने सरकार के सामने सरेंडर कर दिया। पहले भी हमारे संगठन से कई लोग बाहर जा चुके हैं, यूपी में ही भारतीय किसान यूनियन से टूटकर 8-10 संगठन बन चुके हैं। राकेश टिकैत ने कहा कि लखनऊ में जो हमारा कार्यालय है उस पर एक से दो करोड़ रुपए का बिल बन गया था, लगता है सरकार ने नोटिस से डरा दिया। उन्होंने कहा कि मैं किसी के खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगा, क्योंकि कई लोगों के साथ मैंने सालों से काम किया है।

वहीं, दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के सदस्यों का कहना है कि टिकैत ने 2022 के चुनाव में सिर्फ एक पार्टी की तरफदारी की और एक विशेष पार्टी को टारगेट किया, इससे संगठन को बहुत नुकसान हुआ।

BKU में टूट: चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर लखनऊ में राजेश सिंह चौहान की अध्यक्षता में भारतीय किसान यूनियन की बैठक हुई। जिसमें भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का गठन करने का फैसला हुआ। अब तक नरेश सिंह टिकैत भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष थे। विधानसभा चुनाव के दौरान राकेश टिकैत के राजनैतिक बयानों की वजह से संगठन में अलगाव की बात सामने आयी है। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक का राजनीति से कोई मतलब नहीं होगा और किसानों के हित के लिए यह संगठन काम करेगा।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.