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राकेश टिकैत का दावा, प्रधानमंत्री का संदेश ले आए थे लोग, किसान नेता ने रखी थी यह शर्त

कैप्टन अमरिंदर सिंह की भाजपा के साथ बढ़ती नजदीकियों पर राकेश टिकैत ने कहा कि, कैप्टन साहब हों या कोई दूसरा, कौन किस पार्टी में शामिल हो रहा, इससे हमें क्या मतलब।

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राकेश टिकैत ने कहा कि हमारा खुले मंच से कहना है कि एमएसपी गारंटी पर कानून बने(फोटो सोर्स: फाइल/PTI)।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दावा किया है कि हमारे पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश लेकर एक नेता आए थे। उन्होंने कहा कि हमने उनके सामने शर्त रखी थी कि अगर पीएम मोदी लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए किसानों के प्रति दुख जता दें तो हम उनकी बात पर यकीन कर लेंगे कि उनके लिंक सरकार तक हैं। हालांकि उन्होंने संदेश लाने वाले नेता का नाम नहीं बताया।

रखी थी ये शर्त: एक निजी न्यूज चैनल से बात करने के दौरान राकेश टिकैत से सवाल किया गया कि क्या बीते दिनों किसा नेता ने आपसे संपर्क किया था? इस पर उन्होंने कहा कि बात करने के लिए हमारे पास भी लोग आए थे। हमने उनकी बातें सुनी और कहा कि, “हम आपकी बात सही मान लेंगे कि आपके लिंक सरकार तक हैं। बस आप प्रधानमंत्री से एक बयान दिलवा दो कि लखीमपुर हिंसा में जो किसान मरे हैं, हमें उसका दुख है। हम बातचीत करना चाहते हैं।”

MSP गारंटी पर बने कानून: राकेश टिकैत ने कहा कि अगर पीएम ऐसा बयान दे देतें हैं तो हम संयुक्त किसान मोर्चा से बातचीत के लिए कह देंगे। उन्होंने सरकार को लेकर कहा कि ये लोग इसी ताक में रहते हैं कि कैसे संयुक्त मोर्चे को तोड़ा जाये। राकेश टिकैत ने कहा कि जब हमने अपनी तरफ से ये मांग रखी तो ‘वो’ नेता दोबारा हमसे बात करने नहीं आए। उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीने से लोग यहां संदेश लेकर आते रहते हैं। लेकिन हमारा खुले मंच से कहना है कि एमएसपी गारंटी पर कानून बने।

अमरिंदर सिंह पर बोले राकेश टिकैत: कैप्टन अमरिंदर सिंह की भाजपा के साथ बढ़ती नजदीकियों पर राकेश टिकैत ने कहा कि कैप्टन साहब हों या कोई दूसरा, कौन किस पार्टी में शामिल हो रहा है, इससे हमें क्या मतलब, जिसको जो सही लगे, वैसा करे। क्योंकि चुनावी मंच लग रहा है। जिसको जहां जाना है वह वहां चला जाए। हमें किसी से कोई लगाव नहीं है और न ही हमारी किसी से दुश्मनी है।

उन्होंने कहा कि, हमारा अपना किसानों का मामला है, देश के नौजवानों का मामला है। हमारे पास और भी बहुत मसले हैं, जिसको जहां जाना है, वह वहां चले जाए।

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