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जो रूट दिए उस पर भी बैरिकेडिंग कर दी, दिल्ली हिंसा पर बोले राकेश टिकैत- इसके लिए पुलिस जिम्मेदार

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जो रूट दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर परेड के लिए दिय़ा उस पर बैरीकेडिंग कर दी। पुलिस का किसानों पर लाठीचार्ज करने का प्लान था। सरकार और पुलिस सारे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार है।

ट्रैक्टर परेड का एक दृश्य (फोटो सोर्स:ट्विटर/@dhillonaman)

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जो रूट दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर परेड के लिए दिय़ा उस पर बैरीकेडिंग कर दी। पुलिस का किसानों पर लाठीचार्ज करने का प्लान था। सरकार और पुलिस सारे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार है।

टिकैत ने कहा कि पुलिस ने अभी तक रास्ता बंद कर रखा है। उनका सवाल था कि किसान को लाल किले पर जाने का रास्ता किसने दिया। टिकैत ने कहा,दिल्ली में कोई किसान नहीं रहेगा। सारे किसान बार्डर पर चले जाएंगे। हिंसा की वजह अनुशासन की कमी नहीं है सारी कमी सरकार की है।

उनका कहना है कि सरकार पर अगर कोई असर नहीं पड़ रहा है तो उन्हें नहीं लगता कि कोई और चीज उन पर असर डाल सकती है। 1 फरवरी के संसद मनार्च पर उनका कहना है कि हमारा कार्यक्रम यहीं तक था। अभी आगे को लेकर कोई योजना तैयार नहीं की गई है। आगे की रणनीति अगल से मीटिंग करके तय करेंगे।

गौरतलब है कि कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर रैली निकालने की इजाजत दी गई थी। इसी को लेकर दिल्ली की सुरक्षा काफी सख्त कर दी गई थी। किसानों को कुछ निश्चित रूट पर एंट्री की इजाजत मिली। लेकिन मंगलवार को किसानों के ट्रैक्टर लाल किले तक पहुंच गए। इस दौरान हिंसा की वारदातें भी देखने को मिलीं।

राजधानी में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। भारी संख्या में प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों के साथ लाल किला पर पहुंच गए। इसके बाद प्रदर्शनकारी किसान लाल किले के भीतर घुस गए। प्रदर्शनकारियों ने लाल किले की प्राचीर से अपना पीले रंग का झंडा लहराया। राजधानी में आईटीओ में प्रदर्शनकारी किसान टैक्टरों से बैरिकेड तोड़ दिया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने यहां किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया।

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