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Rakesh Jhunjhunwala: राकेश झुनझुनवाला को ट्रेनी चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में मिलते थे 60 रुपए, उसमें भी हो जाती थी कटौती

फोर्ब्स मैगजीन के अनुसार, राकेश झुनझुनवाला के पास करीब 5.8 बिलियन डॉलर की संपत्ति है। उन्होंने शेयर बाजार में अपने करियर की शुरुआत ऐसे समय पर की थी, जब सेंसेक्स मात्र 150 पर था। जो 2022 में 60,000 के स्तर को पार कर गया है।

Rakesh Jhunjhunwala: राकेश झुनझुनवाला को ट्रेनी चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में मिलते थे 60 रुपए, उसमें भी हो जाती थी कटौती
राकेश झुनझुनवाला को भारत का वॉरेन बफे भी कहते हैं। (Express archive photo)

Rakesh Jhunjhunwala Death: भारत के सबसे बड़े निवेशकों में से एक राकेश झुनझुनवाला का रविवार (14 अगस्त) को 62 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इसकी पुष्टि की। राकेश झुनझुनवाला शेयर बाजार के उन चुनिंदा लोगों में से थे, जिन्होंने महज कुछ हजार के निवेश से 46 हजार करोड़ का साम्राज्य खड़ा कर दिया। उन्हें ‘भारत का वॉरेन बफेट’, ‘बिग बुल’ जैसे नामों से भी जाना जाता था।

झुनझुनवाला ने अपने कॉलेज के दिनों में भारतीय शेयर बाजारों में निवेश की शुरुआत मात्र 5,000 रुपये की पूंजी के साथ की थी। झुनझुनवाला की नेटवर्थ’ 5.8 अरब डॉलर है। पर लगभग चार दशक पहले, जब झुनझुनवाला ट्रेनी चार्टर्ड एकाउंटेंट थे, तब उन्हें मात्र 60 रुपए मिलते थे और उसमें भी 15 रुपए की कटौती हो जाती थी। ऐसे में उनके हाथ में मात्र 45 रुपए आते थे।

बिजनेस वेबसाइट मनीकंट्रोल पर दी गई जानकारी के अनुसार, मौजूदा समय में राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में करीब 32 कंपनियां हैं। जिसकी कुल वैल्यू करीब 31,834 करोड़ रुपए है। राकेश झुनझुनवाला की कंपनी का नाम ‘रेयर इंटरप्राइजेज’ है। जिसका पोर्टफोलियो मैनेजमेंट राकेश खुद करते थे।

पत्रकार या पायलट बनना चाहते थे: मुंबई के सिडेनहैम कॉलेज से बीकॉम करने वाले राकेश झुनझुनवाला ने चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने से पहले पत्रकार या पायलट बनने के बारे में सोचा था। इसके बाद उन्होंने द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया में प्रवेश लिया था और यहां से अपने सीए की पढ़ाई पूरी की थी। बचपन से ही वह उनके पिता को अपने दोस्तों से शेयर मार्केट पर बात करते सुना करते थे। जिस कारण कम उम्र से ही उनका रुझान शेयर मार्केट और इनवेस्टमेंट की ओर हो गया।

पांच हजार से 41 हजार करोड़ का सफर: राकेश झुनझुनवाला ने इनवेस्टमेंट की शुरुआत केवल पांच हजार रुपये से की थी। शुरुआत में उन्हें कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी, लेकिन1986 में उन्होंने 43 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से टाटा टी को खरीदा और शेयर की कीमत कुछ दिनों में तीन गुना से भी अधिक बढ़ गई। इसमें राकेश झुनझुनवाला को करीब 5 लाख रुपए का मुनाफा हुआ था। इसके बाद राकेश झुनझुनझुनवाला ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

वर्तमान में उनकी नेटवर्थ 40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की थी। वह Rare Enterprises नाम की स्टॉक ट्रेडिंग फर्म चलाते थे। टाइटन घड़ी, क्रिसिल, सेसा गोवा, प्राज इंडस्ट्रीज, अरबिंदो फार्मा और एनसीसी में उनके निवेश थे। साल 2021 में राकेश झुनझुनवाला ने सस्ती हवाई यात्रा की सुविधा देने के लिए एयरलाइंस कंपनी लांच करने का ऐलान किया था। 7 अगस्त 2022 को इसकी शुरुआत भी हो गई जब अकासा एयर ने मुंबई से अहमदाबाद के लिए अपनी पहली उड़ान भरी थी।

राकेश झुनझुनवाला लंबी अवधि के निवेश के समर्थक नहीं थे। उन्होंने बाजार में छोटे समय के निवेश कर बड़ी मात्रा में पैसा कमाया। उनका कहना था कि अगर आपको दो या तीन साल में आपकी कीमत मिल जाती है, तो निवेश में बने रहने का कोई कारण नहीं है।

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