राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। 24 अप्रैल को राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी। जब राघव चड्ढा नितिन नवीन से मिले तो वह उन्हें बार-बार ‘नितिन नवीन जी’ कहकर संबोधित कर रहे थे। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग भी वहां पर खड़े थे। उन्होंने इस दौरान राघव चड्ढा को पहले ही दिन पार्टी की संस्कृति की जानकारी दी।
राघव चड्ढा को क्या बताया गया?
जब राघव चड्ढा बार-बार नितिन नवीन को ‘नितिन नवीन जी’ कहकर संबोधित कर रहे थे, तो तरुण चुग ने उनसे कहा कि आपको ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष जी’ कहकर संबोधित करना चाहिए। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा के लिए यह भाजपा की ‘संस्कृति और अनुशासन’ का पहला सबक था।
राघव चड्ढा अकेले नहीं बल्कि छह अन्य सांसदों के साथ बीजेपी में आए हैं। 24 अप्रैल को उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी पार्टी ज्वाइन की थी। अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के डिप्टी लीडर थे। इसके अलावा विक्रमजीत साहनी, राजिंदर गुप्ता, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल ने भी बीजेपी ज्वाइन की है।
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सभी सातों सांसदों के विलय को मंजूरी दे दी है। ऐसे में राज्यसभा में बीजेपी की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। वहीं एनडीए की संख्या 147 पहुंच चुकी है। आम आदमी पार्टी ने इस पर आपत्ति जताई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखा है और राघव चड्ढा समेत सातों सांसदों के पत्र को लेकर जानकारी मांगी है।
(यह भी पढ़ें- राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के बीजेपी ज्वाइन करने के बाद विपक्ष पर कितना भारी एनडीए)
आम आदमी पार्टी के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मंजूरी दे दी है। ऐसे में राज्यसभा में बीजेपी के सांसदों की संख्या भी बढ़ गई है। पढ़ें पूरी खबर
