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Rajyasabha Elections: कांग्रेस ने भाजपा के पक्ष में वोटिंग करने पर मणिपुर के 2 MLA को थमाया नोटिस

नोटिसों में कहा गया है, ‘‘आपने भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर कांग्रेस के फैसले के खिलाफ काम किया और जान-बूझकर इस निर्णय का उल्लंघन किया। यह पार्टी सिद्धांतों के लिए भी हानिकारक है।’’

Author इम्फाल | Updated: July 26, 2020 5:28 PM
Rajyasabha Elections, Congress, INC, BJP, Manipurवांगखेई विधायक ओकराम हेनरी सिंह और सगोलबंद विधायक राजकुमार इमो सिंह। (फाइल फोटो)

मणिपुर प्रदेश कांग्रेस समिति ने राज्य से एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए हाल में हुए चुनाव में कथित रूप से भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करने के लिए अपने दो विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। वांगखेई विधायक ओकराम हेनरी सिंह और सगोलबंद विधायक राजकुमार इमो सिंह को शुक्रवार को नोटिस जारी किए गए।

नोटिसों में कहा गया है, ‘‘आपने 19 जून को राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करके भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के फैसले के खिलाफ काम किया और जान-बूझकर इस निर्णय का उल्लंघन किया। इससे हमारे उम्मीदवार को समर्थन देने के हमारी पार्टी के फैसले का ही उल्लंघन नहीं हुआ, बल्कि यह पार्टी सिद्धांतों के लिए भी हानिकारक है।’’

भाजपा उम्मीदवार लीसेम्बा सानाजाओबा ने कांग्रेस उम्मीदवार टी मांगी बाबू को हराकर राज्यसभा चुनाव जीता था। सानाजाओबा को 28 और बाबू को 24 मत मिले थे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ओकराम ने भाजपा उम्मीदवार की जीत के बाद आयोजित समारोह में शिरकत की थी।

राजकुमार पर पार्टी की अनुमति के बिना 30 जुलाई को चार्टर्ड विमान से मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता एन बीरेन सिंह के साथ नयी दिल्ली जाने का आरोप है। दोनों विधायकों से इस बारे में बात करने के लिए संपर्क नहीं हो सका। कांग्रेस मणिपुर इकाई ने ‘‘पार्टी विरोधी’’ गतिविधियों के लिए दोनों से दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

कांग्रेस में आशंका का माहौल, ‘राहुल ब्रिगेड’ पर नजरेंः पहले मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और अब राजस्थान में सचिन पायलट की बगावत के बाद कांग्रेस में पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की कार्यशैली और उनके नजदीकी समझे जाने वाले नेताओं पर सबका ध्यान केंद्रित है। राजस्थान के घटनाक्रम के बाद पार्टी में आशंका का माहौल है और लगभग सभी इस सवाल से जूझ रहे हैं कि ‘‘अगला कौन?’ कांग्रेस कार्यसमिति के एक सदस्य ने नाम नहीं दिये जाने का आग्रह करते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जाहिर है हम सोचने पर मजबूर हुए हैं कि जब ऐसे नेता, जिन्हें कम समय में काफी जिम्मेदारी दी गई और जिनकी प्रतिभा का उपयोग पार्टी अपनी भविष्य की रणनीति के लिए करने को लेकर आश्वस्त थी, वे भी अगर संतुष्ट नहीं हैं तो कहीं न कहीं गड़बड़ तो है।’’

दिल्ली कांग्रेस इकाई के लंबित पुनर्गठन को लेकर वरिष्ठ नेताओं में विचार-विमर्शः राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने के संकेतों के बीच दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने इकाई के पुनर्गठन के लंबित काम पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि इस बारे में वरिष्ठ नेताओं के बीच विचार-विमर्श शुरू हो गया है और जिन कार्यकर्ताओं ने वैश्विक महामारी के दौरान राहत कार्यों में सक्रियता से हिस्सा लिया उन्हें नई टीम में शामिल किया जाएगा।

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