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राज्यसभा चुनाव गुजरात: चार सीट और आठ उम्मीदवार, भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के बाद कांग्रेस प्रत्याशी की बढ़ी मुश्किलें, हो सकता है बड़ा उलटफेर

शुक्रवार को नामांकन का आखिरी दिन था। बाद में भाजपा की तरफ से दिनेशभाई कोडरभाई मकवाना, शाह अमित भाई पोपटलाल और किरतसिंह जीतूभाई राना ने भी नामांकन कर दिया।

Author Edited By नितिन गौतम अहमदाबाद | Updated: March 14, 2020 11:11 AM
gujaratगुजरात से कुल आठ उम्मीदवारों ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया। (एक्सप्रेस फोटो)

राज्यसभा चुनाव के लिए गुजरात की 4 सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने आठ उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। राज्यसभा चुनाव के लिए 26 मार्च के लिए मतदान होना है। दलबदल की आशंकाओं को देखते हुए दोनों ही पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रही हैं।

भाजपा की तरफ से अभय भारद्वाज, रामिलाबेन बारा और नरहरि अमीन ने नामांकन किया। वहीं कांग्रेस की तरफ से इसके वरिष्ठ नेताओं शक्ति सिंह गोहिल और भरत सिंह सोलंकी ने नामांकन किया। शुक्रवार को नामांकन का आखिरी दिन था। बाद में भाजपा की तरफ से दिनेशभाई कोडरभाई मकवाना, शाह अमित भाई पोपटलाल और किरतसिंह जीतूभाई राना ने भी नामांकन कर दिया।

राज्यसभा के चार सदस्यों, जिनमें भाजपा के चुनीभाई गोहेल, शंभू प्रसाद टुंडिया और लालसिंह वडोडिया और कांग्रेस के मधूसूदन मिस्त्री का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।

समझें गुजरात के सियासी समीकरणः गुजरात विधानसभा में 182 सदस्य हैं। जिनमें से 103 भाजपा और कांग्रेस के 73 विधायक हैं। भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी का एक विधायक है। एक निर्दलीय विधायक है और दो सीटें फिलहाल खाली हैं। नियमों के मुताबिक भाजपा गुजरात की 4 राज्यसभा सीटों में से 2 पर जीत दर्ज कर सकती है। वहीं दो सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती हैं।

बुधवार को भाजपा की तरफ से भारद्वाज और बारा के नामों का बतौर राज्यसभा उम्मीदवार ऐलान किया गया था। वहीं कांग्रेस की तरफ से गुरुवार को गोहिल और सोलंकी को उम्मीदवार बनाया गया था। हालांकि भाजपा ने चौंकाते हुए नरहरि अमीन को भी राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरवा दिया।

नरहरि अमीन एक मजबूत पाटीदार नेता हैं और वह कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। कांग्रेस में नरहरि अमीन के प्रभाव को देखते हुए बीजेपी ने उन्हें अपने तीसरे उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है, ताकि दलबदल के हालात में तीसरी सीट पर भी जीत दर्ज की जा सके। भाजपा को निर्दलीय और अन्य पार्टियों का सहयोग मिलने की भी उम्मीद है।

वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा ने पिछले चुनाव में भी दल-बदल की टैक्टिक अपनायी थी और इस बार भी उनकी ऐसी ही कोशिश होगी, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगेगी। भाजपा नेताओं को विश्वास है कि भाजपा राज्य की तीन राज्यसभा सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रहेगी। वहीं कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए शुक्रवार को मीटिंग की।

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