जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के घने जंगलों में सुरक्षा बलों को एक ऐसा सुराग मिला है, जिसने आतंकियों की बदलती रणनीति की ओर इशारा किया है। हाल ही में डोरीमल के जंगलों में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों को जमीन के नीचे बना एक मजबूत कंक्रीट का बंकर मिला। सुरक्षा बलों ने इस बंकर को नष्ट कर दिया, लेकिन इसके सामने आने के बाद एजेंसियां अब पूरे इलाके में और ऐसे ठिकानों की तलाश कर रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि अब तक आतंकवादी आमतौर पर जंगलों में अस्थायी ठिकाने या प्राकृतिक गुफाओं का इस्तेमाल करते थे। कई बार वे मिट्टी खोदकर और लकड़ियों की मदद से छोटे-छोटे छिपने के स्थान तैयार कर लेते थे। लेकिन इस बार जो बंकर मिला, वह काफी मजबूत और स्थायी ढांचे वाला था। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि आतंकियों ने लंबे समय तक जंगलों में छिपे रहने के लिए नई तैयारी की है।

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि राजौरी और पुंछ के बीच फैले घने जंगलों में ऐसे कई और भूमिगत ठिकाने मौजूद हो सकते हैं। यही वजह है कि सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें लगातार इलाके में तलाशी अभियान चला रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों से यहां आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया।

करीब दो सप्ताह पहले भी इसी क्षेत्र में एक अन्य ठिकाने का पता चला था। वहां से खाने-पीने का सामान, कपड़े, बैग और रोजमर्रा की जरूरत की कई चीजें बरामद हुई थीं। माना जा रहा है कि सुरक्षा बलों की गतिविधियां बढ़ने के बाद आतंकी जल्दबाजी में वह स्थान छोड़कर जंगल के भीतर चले गए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि पक्के भूमिगत बंकर आतंकियों के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकते हैं। ऐसे ठिकानों में वे खराब मौसम, कड़ी ठंड या सुरक्षा बलों की निगरानी से बचकर लंबे समय तक रह सकते हैं। इसके अलावा उन्हें स्थानीय लोगों पर आश्रय या मदद के लिए कम निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उनकी गतिविधियों का पता लगाना और भी मुश्किल हो जाता है।

सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल इस बात की जांच कर रही हैं कि इन बंकरों का निर्माण कब और कैसे किया गया। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनके पीछे कौन-सा आतंकी नेटवर्क सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में तलाशी अभियान जारी रहेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

फिलहाल राजौरी के जंगलों में मिला यह बंकर केवल एक ठिकाना नहीं, बल्कि आतंकियों की बदलती कार्यशैली का संकेत माना जा रहा है। यही कारण है कि सुरक्षा बल अब पहले से ज्यादा सतर्क हैं और पूरे क्षेत्र में अभियान लगातार जारी है।

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पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में घुसपैठ और इससे जुड़ी आतंकवाद की समस्या ने भारत को किस स्तर तक नुकसान पहुंचाया है, यह छिपा नहीं है। हालांकि सीमा पर तैनात सुरक्षा बल के जवान अपनी ओर से पूरी कोशिश करते हैं कि पाकिस्तानी ठिकानों से भारत में घुसपैठ करने वालों को रोकें, गिरफ्तार करें या फिर जरूरत पड़ने पर उन्हें निशाना बनाया जाए। विडंबना यह है कि आज भी सीमा पर भारत को अक्सर घुसपैठ और आतंकी हमलों का सामना करना पड़ता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक