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समाजवादी पार्टी में पारिवारिक खींचतान में पिस रही है उत्तर प्रदेश की जनता: राजनाथ सिंह

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार घोटालों की सरकार थी। लेकिन वर्तमान सरकार का दो साल बीत चुके हैं मगर इस सरकार में घोटालों को लेकर कोई उंगली नहीं उठा सकता।

Author देवरिया | September 16, 2016 2:48 AM
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह। (फाइल फोटो)

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (15 सितंबर) को कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी में आपसी खींचतान बहुत आगे बढ़ गई है। शिवपाल सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच खींचतान से स्थिति गंभीर होती जा रही है। दोनों में कौन भारी पड़ रहा है, जनता की नजर इस पर टिकी हुई है। दूसरी तरफ मुलायम सिंह पारिवारिक लड़ाई को चुपचाप देख रहे हैं। इसमें राज्य की जनता पिस रही है। प्रशासानिक अधिकारी भी इस खींचतान से प्रभावित हैं। कानून व्यवस्था तो खराब है ही, साथ ही राज्य सरकार में आपसी तालमेल भी खराब हो रहा है। देवरिया मुख्यालय से 27 किलोमीटर दूर सलेमपुर में पूर्व सांसद हरिकेवल प्रसाद की चौथी पुणयतिथि पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को अत्यंत खराब बताते हुए कहा कि पिछले साल 35 हजार से अधिक महिलाओं के साथ आपराधिक घटनाएं हुईं। कानून व्यवस्था नियंत्रित करने में उत्तर प्रदेश की सरकार पूरी तरह नाकाम है। राज्य में जहां भी मैं जाता हूं, वहां से यह शिकायत मिलती है कि राहत का पैसा किसानों में अब तक नहीं बंटा हैं जबकि केंद्र सरकार ने सूखा राहत के लिए पूर्ण धनराशि उप्र सरकार को भेज दी हैं। प्रदेश में शाम होते ही बिजली चली जाती है। हकीकत तो यह है कि प्रदेश में 24 घंटे में कितने घंटे बिजली रहती है और कितने घंटे बिजली नहीं रहती है। यह तो जनता जानती है। जिसे बिजली न आने से मुसीबत झेलनी पड़ती है। केंद्र प्रत्येक गांव में बिजली मुहैया कराने का काम तेजी से करा रही है।

यूपीए सरकार घोटालों की सरकार थी। लेकिन वर्तमान सरकार का दो साल बीत चुके हैं मगर इस सरकार में घोटालों को लेकर कोई उंगली नहीं उठा सकता। देश में प्रतिदिन 20 किमी के हिसाब से फोर लेन सड़क बनाई जा रही है। हमने पिछले साल 865 किमी नेशनल हाईवे बनवाया। 2016 के अंत तक 840 किमी सड़कें बनाने का लक्ष्य सरकार पूरा कर लेगी। जब देश में मोदी सरकार बनी थी, तो पाकिस्तान की तरफ से आए दिन गोलीबारी होती थी। सरहद पार होने वाली गोलीबारी में हमारे जवान शहीद हो गए। जब मैंने सेना से पूछा तो बताया गया कि 16 बार सफेद झंडे दिखाए गए और अपनी तरफ से शांति वार्ता की बात की गई, लेकिन फिर भी जब पाकिस्तान नहीं माना तो हमने आदेश दे दिया कि यदि पाकिस्तान की ओर से एक गोली चलती है, तो भारत की ओर से अनगिनत गोलियां चलाई जाएं। सिंह ने कहा कि हरिकेवल प्रसाद से मेरा 1977 से निकट का संपर्क था। वे डॉ. राम मनोहर लोहिया और पं. दीनदयाल उपाध्याय से प्रभावित थे। श्रद्धांजलि सभा के पहले केशव प्रसाद मौर्य सहित अनेक भाजपा नेताओं ने हरिकेवल प्रसाद के बारे में विचार प्रकट किए। प्रसाद किसानों और मजलूमों के नेता थे।

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