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कश्मीर पर राजनाथ सिंह बोले: सभी दलों को विश्वास में लिया जाएगा

हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी बुरहानी वानी के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में पिछले 63 दिनों से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है।

Author पणजी | Published on: September 9, 2016 6:10 PM
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह। (पीटीआई फाइल फोटो)

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (9 सितंबर) को कहा कि कश्मीर में शांति और स्थिति सामान्य बनाने के लिए सरकार सभी दलों को विश्वास में लेगी। उन्होंने कहा कि लोगों के लिए लंबे समय तक अशांति को बर्दाश्त करना ‘काफी कठिन’ है। पेट्रोल पोत आईसीजी सारथी की शुरुआत करते हुए सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘सरकार वहां (कश्मीर में) स्थिति में सुधार लाने के लिए काम कर रही है। लोगों से चर्चा हुई है। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद लोगों के विचारों में बदलाव आया है।’

मंत्री ने कहा कि सरकार सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की अनुशंसाओं पर काम कर रही है जो हाल में राज्य के दौरे पर गया था। उन्होंने कहा, ‘सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल वहां (जम्मू-कश्मीर में) समीक्षा करने गया, हमारा प्रयास सभी दलों को विश्वास में लेना है। हम इस पर काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कश्मीर के लोगों को महसूस हुआ कि लंबे समय तक अशांति को बर्दाश्त करना कठिन है। लोगों का मानना है कि शांति लौटनी चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘भविष्य में भी हम प्रयास करेंगे कि (कश्मीर पर) सभी दलों को विश्वास में लिया जाए।’ मंत्री ने कहा कि ‘कश्मीर की स्थिति में सुधार’ हो रहा है और रोजगार मुहैया कराने तथा राज्य का विकास करने में केंद्र सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘पहले की तुलना में चीजें काफी नियंत्रण में हैं। आगामी दिनों में कश्मीर की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होगी।’

राजनाथ ने कहा कि राज्य में युवकों को नौकरी के अवसर मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने दस हजार विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) की भर्ती के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘विकास का काम जारी है। केंद्र सरकार ने भी सभी विकास कार्यों के लिए धन दिया है।’ सीमा पार से होने वाले घुसपैठ पर एक सवाल का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा, ‘पहले भी घुसपैठ हो रहे थे लेकिन 2015 में यह कम था।’

उन्होंने कहा, ‘जहां तक घुसपैठ की बात है तो 2016 में ये घटनाएं बढ़ी हैं लेकिन साथ ही सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने आतंकवादियों का सफाया भी किया है।’ हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी बुरहानी वानी के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में पिछले 63 दिनों से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है और हिंसा में अब तक 73 लोग मारे जा चुके हैं तथा कई जख्मी हो गए हैं।

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