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पेड़ इस्‍तेमाल कर रहे थे 300 मोबाइल फोन? राजनाथ ने कहा- बताने की जरूरत नहीं कितने आतंकी मारे

Indian Air Force Aerial Strike: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए एरियल स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की संख्या जानने के लिए कांग्रेस चाहे तो पाकिस्तान जा सकती है।

असम में बीएसएफ के कार्यक्रम में गृहमंत्री राजनाथ सिंह। (Photo: PTI)

Indian Air Force Aerial Strike: केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार (5 मार्च) को कहा कि पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण अड्डे पर भारतीय वायु सेना के हमले में मरे आतंकवादियों की संख्या ‘आज या कल’ सबको मालूम हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी शोध संगठन (एनटीआरओ) प्रणाली ने बताया है कि भारत के हवाई हमले से पहले स्थल पर करीब 300 मोबाइल फोन सक्रिय थे। विपक्ष पर हवाई हमले को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस यह जानना चाहती है कि कितने आतंकवादी मारे गए हैं तो वह पाकिस्तान जाकर शवों को गिन सकती है।

असम में बीएसएफ की एक सीमा परियोजना का उद्घाटन करने के बाद जनता को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘अन्य राजनीतिक दलों के कुछ नेता पूछ रहे हैं कि भारतीय वायु सेना के हमले में कितने आतंकवादी मारे गए हैं। यह आज या कल सबको मालूम हो जाएगा। पाकिस्तान और उसके नेताओं के दिल जानते हैं कि कितने आतंकवादी मारे गए हैं।’’

मारे गए आतंकवादियों की संख्या पर सवाल करने के लिए विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पार्टियां पूछ रही हैं कि ‘कितने मरे, कितने मरे?’ सिंह ने कहा, ‘‘ एनटीआरओ की प्रमाणिक प्रणाली है जो कहती है कि (बालाकोट स्थल पर) 300 मोबाइल फोन सक्रिय थे। क्या ये मोबाइल फोन पेड़ उपयोग कर रहे थे? अब क्या आप (विपक्ष) एनटीआरओ पर भी यकीन नहीं करेंगे?’’

उन्होंने कहा कि सिर्फ सरकार बनाने के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए लेकिन यह देश निर्माण के लिए करनी चाहिए। सिंह ने कहा, ‘‘ अगर कांग्रेस के मेरे मित्रों को लगता है कि संख्या के बारे में उन्हें बताना चाहिए तो मैं कहना चाहूंगा कि आप पाकिस्तान जाना चाहते हैं तो जाएं, लोगों से पूछें कि हमारी वायुसेना के जवानों ने कितने मारे तथा (शव) गिनें।’’

बता दें कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट, मुजफ्फराबाद और चिकोट में एयर स्ट्राइक किया था। मुख्य रूप से बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को नष्ट करने की बात कही गई।

हमले के बाद भारत के विदेश सचिव गोखले ने कहा था कि बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर अचानक किये गए असैन्य हमले में ‘‘बड़ी संख्या में’’ आतंकवादी, प्रशिक्षक एवं शीर्ष कमांडर मारे गए। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मारे गए आतंकियों की संख्या ढाई सौ बताई।

आतंकियों की संख्या को लेकर विपक्षी पार्टियों ने उस समय सवाल उठाना शुरू कर दिया, जब एयरफोर्स ने कहा कि उसका काम टारगेट पर निशाना लगाना है। मारे गए लोगों की संख्या बताना नहीं। हताहतों की संख्या के बारे में जानकारी केंद्र सरकार देगी। (भाषा इनपुट के साथ)

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