लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मोदी सरकार की विदेश नीति को लेकर दिए गए बयान पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता ने कल प्रधानमंत्री और देश की विदेश नीति पर जो बातें कहीं वे बहुत छोटी सोच वाली और निंदनीय है।

राहुल गांधी ने विदेश नीति को लेकर कहा था कि पता नहीं कहां से इनके दिमाग में घुस गया है कि विदेश नीति यह होती है। आगे दावा करते हुए कहा कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में हमें पेट्रोलिंग करने से मना कर दिया।

‘राहुल गांधी की टिप्पणी अत्यन्त निम्नस्तरीय’

इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा, “कल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत की विदेश नीति पर जो टिप्पणी की है, वो अत्यन्त निम्नस्तरीय और निन्दाजनक तो है ही, साथ ही मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत पीड़ा देने वाली भी है।”

आगे उन्होंने कहा, “अपने लम्बे राजनीतिक जीवन में, मैंने किसी भी नेता प्रतिपक्ष का ऐसा अभद्र और अकल्पनीय व्यवहार कभी नहीं देखा, चाहे वो सुषमा स्वराज या अरुण जेटली रहे हो, अथवा अटल विहारी वाजपेई और लालकृष्ण आडवाणी रहे हों, या फिर अटलजी की सरकार में डॉ. मनमोहन सिंह हों या सोनिया गांधी रही हो, ऐसा अशोभनीय आचरण कल्पना से परे था।”

लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत- राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री ने कहा, “ऐसा आचरण देश में स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए, एक गंभीर खतरे का संकेत है। राहुल गांधी के मन में, प्रधानमंत्री मोदी के प्रति चाहे जितनी भी कुंठा भरी हो, ऐसी अभद्र टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। विशेषकर तब जबकि मोदी के रूप में एक ऐसे प्रधानमंत्री, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसे नेता के प्रति ऐसी अभद्र टिप्पणी, हर भारतीय के मन को, अन्दर से कष्ट देने वाली है।”

राजनाथ सिंह ने आगे कांग्रेस से सवाल पूछते हुए कहा, “मैं कांग्रेस पार्टी से यह भी कहना चाहूंगा, कि ऐसी भाषा और आचरण के बाद, क्या वे लोग अब, लाल, बाल, पाल से लेकर महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाषचंद्र बोस, राजेन्द्र प्रसाद से लेकर लाल बहादुर शास्त्री, नरसिम्हा राव से लेकर प्रणव मुखर्जी तक जैसे विराट व्यक्तित्वों की विरासत का दावा कर सकते हैं?”

वह ऐसा शर्मनाक बयान दे सकता है- रक्षा मंत्री

आगे उन्होंने कहा, “मैं कह सकता हूं कि आज इस आचरण से राहुल गांधी ने न सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी का अपमान किया है बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का अपमान किया है, लोकतंत्र और नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को तार-तार कर दिया है। मैं तो यह कल्पना भी नहीं कर सकता कि जिसके नाम में गांधी शब्द लगा हो, वह ऐसा शर्मनाक बयान दे सकता है।”

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

दिल्ली के रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन कार्यक्रम में बात करते हुए गुरुवार को राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर बोलते हुए कहा था, “पता नहीं कहां से इनके दिमाग में घुस गया कि फोरेन पॉलिसी ये होती है।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि ‘चीन ने अरुणाचल में हमें पेट्रोलिंग करने से मना कर दिया और कहा कि जमीन आपकी है लेकिन आप यहां पेट्रोलिंग नहीं कर सकते।’

उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपनी आंखों से देखा कि गलवान के बाद प्रधानमंत्री सामने आए। एक जूम वीडियो कॉल थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की जमीन का एक इंच भी चीन ने नहीं लिया। उसके बाद सेना ने कहा कि भारत की जमीन तो ले गए। आप सोचिए चीन को संदेश दिया गया, चीन के प्रतिनिधिमंडल ने हमारे वार्ताकारों से कहा कि आप क्या कह रहे हैं? आपके प्रधानमंत्री ने बोला कि आपकी जमीन नहीं गई।”

विदेश नीति को उड़ा दिया है- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया, “इन्होंने (मोदी सरकार) अंदर से देश को खत्म कर दिया है। विदेश नीति को उड़ा दिया है। अपना जो राजनीतिक ढांचा है उसको फाइनेंस करने के लिए, अडानी का पैसा लेने के लिए यह उन्होंने किया है।”

राहुल गांधी ने कहा, “अगर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग छिड़ गई, तो ऐसे समय में अगर इंदिरा गांधी जैसा नेतृत्व होता, तो हमारे पास सबसे बड़ा मौका क्योंकि ईरान हमारा पुराना दोस्त है, अमेरिका और रूस भी हमारे दोस्त हैं, इसलिए हम उनके बीच दोस्ती कराने और मध्यस्थता करने की भूमिका निभा सकते थे। लेकिन आगे बढ़कर हमारी जगह पाकिस्तान इस अवसर को ले गया और नरेंद्र मोदी बस खड़े देखते रहे।”

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान को लेकर एनडीए के नेताओं ने तीखी आलोचना की है। शुक्रवार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश नीति को लेकर दिए बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिहार की भाषा में कहें तो ‘लफुआ’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें