कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख बीके हरिप्रसाद ने सोमवार (29 जून 2026) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने यह मांग ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान शहीद हुए छह सैन्यकर्मियों के नामों को लेकर उठे हालिया विवाद के बीच की। इन छह जवानों के नाम हाल ही में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) पर अंकित किए गए हैं।

बीके हरिप्रसाद ने ‘X’ पर एक पोस्ट में 2025 में संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दिए गए बयान का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि रक्षा मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई थी।

उन्होंने कहा कि बाद में ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए सैन्यकर्मियों के नाम सार्वजनिक किए जाने से रक्षा मंत्री के पहले दिए गए बयान और बाद में सामने आई जानकारी के बीच गंभीर विरोधाभास सामने आता है।

हरिप्रसाद ने ‘X’ पर लिखा, ”रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में स्पष्ट रूप से कहा था कि #OperationSindoor के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई। लेकिन भाजपा सरकार द्वारा बाद में उन सैन्यकर्मियों के नाम सार्वजनिक करना जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया, उनके पहले दिए गए बयान में एक गंभीर विरोधाभास को उजागर करता है।”

हरिप्रसाद ने आगे कहा, ”अगर राष्ट्रीय महत्व के इतने गंभीर मुद्दे पर संसद को गुमराह किया गया है तो इसकी जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता। संसद को गुमराह करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस्तीफा देना चाहिए। हमारे शहीद सत्य, ईमानदारी और सम्मान के हकदार हैं ना कि विरोधाभासी बयानों के।”

आपको बता दें कि मई 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ चार दिनों तक चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान शहीद हुए छह भारतीय सुरक्षा बलों के जवानों के नाम अब नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) पर अंकित कर दिए गए हैं।

इस मुद्दे पर राजनीति गरमाने के साथ ही रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को यह स्पष्ट किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह सैन्यकर्मियों को राष्ट्र ने पहले ही उचित समय पर सम्मानित कर दिया था। मंत्रालय ने उन दावों को खारिज किया कि उनके बलिदान को हाल ही में ‘पहली बार’ सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया है।

रक्षा मंत्रालय की रिलीज में कहा गया, ”मीडिया के कुछ वर्गों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कुछ रिपोर्टों में गलत तरीके से यह दावा किया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह वीर जवानों के बलिदान को हाल ही में पहली बार स्वीकार किया गया है या सार्वजनिक किया गया है। यह स्पष्ट किया जाता है कि इन शहीदों को संबंधित रिपोर्टों के सामने आने से काफी पहले, उपलब्ध पहले ही अवसर पर राष्ट्र ने श्रद्धांजलि अर्पित कर दी थी।”

रिलीज के अनुसार, 11 मई 2025 को आयोजित आधिकारिक प्रेस वार्ता के दौरान तत्कालीन डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने इन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्तव्य निभाते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान का विशेष रूप से उल्लेख किया था।

इसके अलावा, इन वीर जवानों को वीरता पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया था जिसकी जानकारी 14 अगस्त 2025 की आधिकारिक प्रेस रिलीज में सार्वजनिक की गई थी। मंत्रालय ने कहा कि यह भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च परंपराओं के अनुरूप उनके शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की औपचारिक तथा राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता थी।

पहली बार सार्वजनिक हुए ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 6 जवानों के नाम

भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए हैं। इन वीर जवानों के नाम दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के रोल ऑफ ऑनर में अंकित किए जाएंगे। भारत ने 6 और 7 मई 2025 की मध्य रात्रि पाकिस्तान में स्थित आतंकी अड्डों को तबाह करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन शुरू किया था।