पेगासस पर रार, संसद में तकरारः राजनाथ ने मिलाया खड़गे को फोन, पर न पिघला विपक्ष; प्रियंका बोलीं- मोदी सरकार कर रही संविधान का चीरहरण

सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे से फोन पर बात की, लेकिन विपक्ष के तेवरों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। जासूसी की जांच के मामले में विपक्ष ने अपने स्टैंड को और तीखा करने का मन बना लिया है।

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राज्यसभा में हंगामे की तस्वीर। फोटो- पीटीआई

पेगासस पर संसद में चल रही रार थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे से फोन पर बात की, लेकिन विपक्ष के तेवरों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। जासूसी की जांच के मामले में विपक्ष ने अपने स्टैंड को और तीखा करने का मन बना लिया है। उधर, शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार संविधान का चीरहरण करने पर तुली है।

पेगासस जासूसी मामले पर हो रही तनातनी की वजह से 19 जुलाई से शुरू संसद सत्र में नाममात्र का कामकाज हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को फोन कर सदन चलाने पर सहयोग मांगा था लेकिन खड़गे ने दो टूक कह दिया कि विपक्ष के उठाए मुद्दों पर चर्चा होगी तभी विपक्ष सहयोग करेगा। इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 3 जुलाई को सुबह साढ़े 9 बजे विपक्षी दलों के सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक करेंगे। राहुल की ओर से भेजे गए न्योते में दोनों सदनों के विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स को बुलाया गया है।

राहुल गांधी के नाश्ते का आयोजन कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में किया गया है। इसके बाद विपक्षी दलों की बैठक होगी। पेगासस जासूसी और किसान आंदोलन को लेकर सरकार पर हमलावर विपक्ष के नेता सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर मंथन करेंगे। बैठक में 14 विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। कांग्रेस सांसद भी इसमें मौजूद रहेंगे।

उधर विपक्ष की रणनीति सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज करने के तौर पर संसद के बाहर ‘मॉक पार्लियामेंट’ का आयोजित करने की भी है। राहुल की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। राहुल गांधी के ब्रेकफास्ट में कितनी पार्टियां आती हैं, इसे लेकर राजनीतिक हलको में खासी सुगबुगाहट है। संसद सत्र के बचे हुए समय में सरकार को घेरने की रणनीति बनाने के लिए यह बैठक खासी महत्वपूर्ण होगी।

गौरतलब है कि पेगासस जासूसी मामले को लेकर विपक्षी दल केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हैं। इस मामले पर संसद में चर्चा और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार जासूसी के आरोपों को नकार रही है। इस मामले को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बना हुआ है।

सरकार पर दबाव बनाने के लिए बीते हफ्ते भी विपक्षी दलों की महत्वपूर्ण बैठक हुई थी जिसमें राहुल गांधी मौजूद रहे। बाद में राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को घेरा था। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर उनके सवालों का जवाब दें।

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