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कांग्रेस नेता अधीर रंजन का राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर विवादित ट्वीट- जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती कांपती है; बवाल के बाद डिलीट कर देने लगे यह सफाई

ट्वीट को डिलीट करते हुए कांग्रेस नेता ने सफाई दी और कहा, “‘मेरे नाम के साथ किए गए ट्वीट से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।” हालांकि, उनके ट्वीट पर लोग चुटकी ले रहे हैं।

Adhir Ranjan Chowdury
अधीर रंजन चौधरी के डिलीट किए ट्वीट का स्क्रीन शॉट (@imAlter_ego/ट्विटर)

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर एक ट्वीट को लेकर विवादों में घिर गए हैं। हालांकि, उन्होंने ट्वीट कर दिया और अब इस पर सफाई दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया था, “जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।”

इसको लेकर विवाद होने पर ट्वीट डिलीट करते हुए कांग्रेस नेता ने सफाई दी और कहा, “‘मेरे नाम के साथ किए गए ट्वीट से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मेरे खिलाफ विरोधी ताकतों द्वारा एक दुर्भावनापूर्ण कैंपेन चलाया जा रहा है।”

कांग्रेस नेता के इस ट्वीट पर भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस पर निशाना साधा। भाटिया ने अधीर रंजन के ट्वीट का स्क्रीन शॉट दिखाते हुए कहा, “21 मई 2022 का ट्वीट है ये, जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है और जब धरती हिलती है तो कुछ हजार नागरिक मार दिए जाते हैं।”

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कार्रवाई करने की मांग की: अधीर रंजन चौधरी के ट्वीट को लेकर भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “अधीर रंजन चौधरी ने राजीव गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर यह लिखकर श्रद्धांजलि दी कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है। यह कितने शर्म की बात है। कितने दुख की बात है, नेहरू-गांधी परिवार सिखों से कितनी नफरत करता है। मारने तक की धमकियां देता है। यह कांग्रेस की मानसिकता को भी दर्शाता है। मैं दिल्ली पुलिस को आग्रह करता हूं कि अधीर रंजन के ट्वीट के ऊपर केस दर्ज कर उनको गिरफ्तार करना चाहिए जो सिखों के खिलाफ नफरत फैला रहा है और उनको मारने की धमकी दे रहा है।”

क्या था राजीव गांधी का बयान

19 नवंबर, 1984 को तत्कालीन पीएम राजीव गांधी ने दिल्ली बोट क्लब पर भरी भीड़ के सामने कहा था, “जब इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी, तो देश में कुछ दंगे-फसाद हुए थे। हमें मालूम है कि भारत की जनता को कितना कितना गुस्सा आया और कुछ दिन के लिए लोगों को लगा कि भारत हिल रहा है।” उन्होंने कहा, “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती थोड़ी सी हिलती है।” बता दें कि 31 अक्टूबर, 1984 को तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी और इसके अगले दिन ही दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे। राजीव गांधी के इस बयान को सिख विरोधी दंगों से जोड़कर देखा गया था।

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