ताज़ा खबर
 

सोनिया गांधी के लिए राजीव ने लिखी थी नैपकिन पर कविता, वेटर के जरिए पहुंचा प्रेम पत्र, इटली से भारत तक की कहानी

राजीव और सोनिया की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की मुलाकात धीरे-धीरे बढ़ने लगी। दोनों के बीच तीन साल तक मुलाकात चली।' सोनिया गांधी के भारत आने का किस्सा भी बेहद दिलचस्प है।

CONGRESS, SONIA GANDHIराजीव गांधी ने एक वेटर के जरिए अपना खत सोनिया तक पहुंचवाया था। फाइल फोटो। फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस

9 दिसंबर को सोनिया गांधी का जन्मदिन है। उनके जन्मदिन के मौके पर सोनिया गांधी और उनके पति दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा यहां हम आपको बताएंगे। कभी सोनिया गांधी के लिए राजीव ने नैपकिन पर कविता लिखी थी और वेटर के जरिए यह प्रेम पत्र उन तक पहुंचाया था। राजीव और सोनिया की कैंब्रिज की मुलाक़ातों का ज़िक्र मशहूर पत्रकार रशीद किदवई ने सोनिया पर लिखी जीवनी में भी किया है। रशीद क़िदवई बताते हैं, “वर्सिटी रेस्तराँ में रोज़ कैंब्रिज विश्वविद्यालय के छात्रों का जमावड़ा लगता था। वो सब बियर पिया करते थे। उनमें से राजीव अकेले थे जो बियर को हाथ भी नहीं लगाते थे।

तभी सोनिया की नज़र राजीव गांधी पर पड़ी थी।’ राजीव ने पहली बार एक नैपकिन पर उनके सौंदर्य पर एक कविता लिखकर एक वेटर के ज़रिए सोनिया की तरफ़ भिजवाई थी। सोनिया उसे पाकर थोड़ी असहज हुई थीं लेकिन राजीव के एक जर्मन दोस्त ने, जो सोनिया को भी जानते थे, एक संदेशवाहक की भूमिका को बख़ूबी निभाया।”

बताया जाता है कि सोनिया को देखते ही पहली नजर में राजीव को उनसे प्यार हो गया था। इतनी ही नहीं वो सोनिया के इस कदर दीवाने हो गए थे कि उन्होंने रेस्टोरेंट मालिक से निवेदन किया था कि वो सोनिया को उनके पास वाली सीट ही दे। इस बात का जिक्र खुद रेस्टोरेंट के मालिक ने एक इंटरव्यू के दौरान किया था। उसने कहा था कि ‘जब मैंने राजीव से कहा कि यदि आप ऐसा चाहते है तो आपको इसके लिए दोगुना भुगतान करना होगा और वो तुरंत ही तैयार हो गए।’

राजीव गांधी ने खुद सिमी ग्रेवाल को दिए एक इंटरव्यू में कहा भी था कि ‘मैं सोनिया को पहली बार देखकर ही समझ गया था कि यहीं वो लड़की है जो मेरे लिए बनी है। वो काफी मिलनसार है और कभी कुछ नहीं छुपाती। राजीव और सोनिया की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की ये मुलाकात धीरे-धीरे बढ़ने लगी। दोनों के बीच तीन साल तक मुलाकात चली।’ सोनिया गांधी के भारत आने का किस्सा भी बेहद दिलचस्प है।

1968 में पहली बार सोनिया गांधी भारत आई थी लेकिन वो राजीव गांधी के घर में नहीं ठहरी थी। उस वक्त इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं ऐसे में ,सोनिया को अपने घर में रखना इंदिरा के लिए खतरे से खाली नहीं था। इसलिए सोनिया के रहने का इंतजाम अमिताभ बच्चन के घर में किया गया था।

दरअसल बच्चन परिवार और गांधी परिवार के संबंध बहुत ही घनिष्ठ थे। राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन की दोस्ती इस रिश्ते को आगे लेकर गए। 13 जनवरी 1968 की सर्द सुबह कड़ाके की सर्दी में पालम एयरपोर्ट पर सोनिया गांधी को लेने के लिए अमिताभ बच्चन पहुंचे थे। तब सोनिया गांधी राजीव गांधी की मंगेतर के रुप में भारत आई थी। तब सोनिया बच्चन परिवार के घर ही ठहरी थी। अ

Next Stories
1 कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कार की कौन सी खिड़की खुली रखनी चाहिए ? जानें यहां…
2 आलू का पराठा कैसे बनाएं? किसान आंदोलन पर कांग्रेस अब ऐसे ले रही बीजेपी से चुटकी, पालक पनीर, वेज पुलाव, दाल तड़का की गजब रेसिपी
3 दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, HIV पॉजिटिव शख्स ने किया रेप तो नहीं बनेगा हत्या की कोशिश का मामला
ये पढ़ा क्या?
X