तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन जा रही 12431 राजधानी एक्सप्रेस में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में इसके एक एसी कोच बी-1 में अचानक आग लग गई। यह घटना लूनीरिछा (LNR) और विक्रमगढ़ आलोट (VMA) स्टेशनों के बीच डाउन लाइन पर 729/02 (इंजन की तरफ) और 728/14-16 (एसएलआर की तरफ) हुई। बी-1 कोच में सवार यात्रियों में घबराहट फैल गई, हालांकि रेलवे की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
आग लगते ही मचा हड़कंप और तत्काल राहत कार्रवाई
जानकारी के अनुसार आग लगभग सुबह 5:15 से 5:30 बजे के बीच बी-1 कोच के एसएलआर साइड के पास लगी। उस समय कोच में लगभग 68 यात्री सवार थे। धुआं उठते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और लोग जल्द से जल्द बाहर निकलने लगे। ट्रेन स्टाफ ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित अन्य कोचों में स्थानांतरित कराया, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
रेलवे कंट्रोल को सूचना मिलते ही सबसे पहले ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) सप्लाई बंद कर दी गई ताकि आग फैलने का खतरा न रहे। इसके बाद प्रभावित बी-1 कोच को ट्रेन से अलग किया गया। मौके पर पहुंचे रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों ने आग पर काबू पाने की प्रक्रिया शुरू की। राहत और बचाव कार्य तेजी से होने के कारण आग अन्य डिब्बों तक नहीं पहुंच सकी।
इसके बाद ट्रेन को कुछ समय के लिए नियंत्रित किया गया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इस दौरान आसपास के रेलखंड पर भी एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई।
रेल संचालन प्रभावित, वैकल्पिक व्यवस्था की गई
आग की घटना के कारण रेल यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ और ट्रेन संख्या 12955 को महिदपुर रोड स्टेशन पर रोकना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने प्रभावित सेक्शन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, ताकि ट्रैक और कोच की सुरक्षा जांच पूरी की जा सके।
कोटा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालकर अन्य डिब्बों में बैठाया गया और उन्हें आगे की यात्रा कोटा तक जारी रखने की व्यवस्था की गई। बाद में कोटा स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त कोच जोड़ने की योजना भी बनाई गई, ताकि आगे का सफर सुचारु रूप से हो सके।
घटना स्थल पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और रतलाम मंडल के डिविजनल रेल मैनेजर भी पहुंच गए। दुर्घटना राहत ट्रेन को भी मौके पर भेजा गया ताकि स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके। प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और तकनीकी टीम इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही प्रभावित रेलखंड को साफ कर ट्रेनों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा। फिलहाल इस घटना ने यात्रियों को कुछ समय के लिए जरूर परेशान किया, लेकिन समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
