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राजदीप सरदेसाई का ट्वीट- कन्‍हैया कुमार पर देशद्रोह का आरोप लगाने वाले माफी मांगें, जवाब मिला-पहले आप नरेंद्र मोदी से तो मांगिए

कन्हैया पर देशद्रोह से जुड़ी धाराएं बीते साल 9 फरवरी को जेएनयू कैंपस में हुए एक कार्यक्रम से जुड़े केस में लगाई गई थीं।

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई और जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार।

दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि उसने जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और बाकियों  पर अब तक देशद्रोह के मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले की जांच स्पेशल सेल कर रही है। हिंदुस्तान टाइम्स से स्पेशल पुलिस कमिश्नर दीपेंद्र पाठक ने कहा है कि पुलिस द्वारा चार्जशीट को अंतिम रूप देने को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं। केस की अब भी जांच की जा रही है। यह एक नाजुक मामला है, इसलिए हम गुजारिश करते हैं कि इस बारे में अटकलें न लगाई जाएं। फिलहाल अब तक कुछ तय नहीं किया गया है। पाठक ने कहा कि चार्जशीट फाइल की जाएगी, लेकिन अभी नहीं। जांच में देरी को लेकर एबीवीपी ने दिल्ली पुलिस हेडक्वॉटर्स के बाहर प्रदर्शन भी किया।

देशद्रोह से जुड़ी धाराएं बीते साल 9 फरवरी को जेएनयू कैंपस में हुए एक कार्यक्रम से जुड़े केस में लगाई गई थीं। लेकिन अब इस मामले पर गहमाहमी बढ़ गई है। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक ट्वीट करते हुए कहा कि अगर कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह का केस हट गया है तो क्या किसी में माफी मांगने का दम है, या फिर देश भक्ति राजनीति इसकी इजाजत नहीं देती। राजदीप के इस ट्वीट का जवाब में फिल्ममेकर, राइट और पब्लिक स्पीकर विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 2002 बार कैसे माफी मांगेंगे या फिर अजेंडा पॉलिटिक्स इसकी इजाजत नहीं देता। विवेक के इस ट्ववीट को अभिनेता अनुपम खेर ने भी री-ट्वीट किया है।

लोगों ने भी दिया जवाब: सरदेसाई अपने इस ट्वीट के बाद लोगों के निशाने पर भी आ गए। @mvaru नाम के ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में कहा गया कि आप नरेंद्र मोदी से माफी क्यों नहीं मांगते, जिनपर आप एसआईटी से क्लिनचिट मिलने के बाद भी झूठे आरोप लगाते रहे थे। इसी ट्वीट के जवाब में @asli_Harsh नाम के ट्विटर हैंडल ने कहा, ये तो आपने रावण से लंका मांग ली।

मीडिया में यह थी अटकलें : इससे पहले आई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि चार्जशीट सेक्शन 121ए (देशद्रोह) और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत तैयार की गई है। इसे पुलिस कमिश्नर के पास भेजा गया है और इसे मंजूरी का इंतजार है। इस चार्जशीट में जेएनयू के छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को आरोपी ठहराया गया है। पुलिस के मुताबिक संसद पर हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु के प्रति हमदर्दी दिखाने के मकसद से खालिद के पास भारत विरोधी पोस्टर थे। चार्जशीट में 40 वीडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट का भी जिक्र है, जिनके जरिए यह साबित करने की कोशिश की गई है कि जेएनयू के इवेंट में भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। कन्हैया के मामले में पुलिस ने जांच को बंद नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने कोर्ट के ऊपर छोड़ा है कि कन्हैया के खिलाफ आरोप तय किए जाएं या नहीं। चार्जशीट में कहीं नहीं लिखा कि कन्हैया ने भारत विरोधी नारे लगाए गए। हालांकि, इस बात का जिक्र जरूर है कि इस नारेबाजी या कार्यक्रम को रोकने के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया।

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