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नेताजी की जयंतीः महानायक में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी- रजत शर्मा का ट्वीट, लोग लेने लगे मजे

इंडिया टीवी के एडिटर-इन-चीफ ने लिखा "आज़ाद हिंद फ़ौज के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस अदम्य साहस और प्रेरणा की प्रतिमूर्ति थे। उनमें संगठन की ग़ज़ब की क्षमता थी। देशभक्ति कूट कूट कर भरी थी। ऐसे स्वतंत्रता सेनानी को कोटि कोटि नमन।"

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: January 23, 2021 8:19 AM
Rajat Sharma, India TV, Trol, Twitter, Farmers, Farm Laws Protest, BJP, NDA, Narendra Modi, Amit Shah, Narendra Singh Tomar, New Delhi, National Newsरजत शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र की जयंती को लेकर एक ट्वीट किया है।(Representational Image).

इंडिया टीवी के एडिटर-इन-चीफ और चेयरमैन रजत शर्मा आज कल ट्रोल्स के निशाने पर रहते हैं। कभी कोरोना वैक्सीन को लेकर तो कभी कृषि कानूनों को लेकर बोलने के चलते उन्हें यूजर्स ट्रोल करते रहते हैं। शनिवार को भी ऐसा ही कुछ हुआ रजत शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र की जयंती को लेकर एक ट्वीट किया। जिसके बाद यूजर्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया और मजे लेने लगे।

इंडिया टीवी के एडिटर-इन-चीफ ने लिखा “आज़ाद हिंद फ़ौज के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस अदम्य साहस और प्रेरणा की प्रतिमूर्ति थे। उनमें संगठन की ग़ज़ब की क्षमता थी। देशभक्ति कूट कूट कर भरी थी। ऐसे स्वतंत्रता सेनानी को कोटि कोटि नमन।” उनके इस ट्वीट पर एक यूजर ने लिखा “चाटुकारिता की फौज के सरदार बार बार किसानों को बदनाम करने के लिए खलिस्तानी व आतंकवादी बोलते है।” एक अन्य यूजर ने लिखा “उसी आजाद हिंद फौज से लड़ने के लिए आपके सावरकर जी, गोरों के लिए फौजी भर्ती किया करते थे। सोचा याद दिला दूं।”

हालही में शर्मा ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन पर अड़े किसानों को एक सलाह दी थी। जिसके बाद वे ट्रोल हुए थे। शर्मा ने अपनी वेबसाइट पर ‘किसानों को मेरी सलाह: संशोधन के बाद कृषि कानून पसंद न आएं तो आंदोलन करें’ शीर्षक वाला लेख लिखा था, जिसे उन्होंने ट्वीट में शेयर किया था।

हिंदी समाचार चैनल के संपादक के आर्टिकल के अनुसार, “मोदी विरोधी मोर्चा अपना एजेंडा बढ़ाने के लिए किसानों का इस्तेमाल कर रहा है। उनमें से कुछ सामने आ गए हैं तो कुछ पर्दे के पीछे से ही सक्रिय हैं। उन्हें इस बात से मतलब नहीं है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की किसान नेताओं की जिद सही है या नहीं।”

इसपर यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए पत्रकारिता छोड़ने की सलाह दी थी। एक यूजर ने लिखा था कि किसानों को उनका हक़ दिला दो आप बेहतर तरीके से सो सकेंगे और अपनी इज्जत भी वापस पा जाएंगे।

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