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तीसरा बच्‍चा पैदा कर सकेंगे राजस्‍थान के सरकारी बाबू, वसुंधरा सरकार ने हटाया बैन

पुराने नियम के अनुसार, यहां पर सरकारी बाबुओं को तीसरा बच्चा पैदा करने पर समय से पहले ही उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया जाता था।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (फोटोः फेसबुक)

राजस्थान में अब से सरकारी कर्मचारी तीन बच्चे पैदा कर सकेंगे। वसुंधरा राजे सरकार ने दो बच्चे पैदा करने वाले नियम से बैन हटाया है। सरकार की ओर से यह कदम बुधवार (18 जुलाई) को उठाया गया। आपको बता दें कि पुराने नियम के अनुसार, यहां पर सरकारी बाबुओं को तीसरा बच्चा पैदा करने पर समय से पहले ही सेवानिवृत्त कर दिए जाने की बात थी।

कैबिनेट बैठक के बाद राजस्थान के मंत्री राजेंद्र राठौर ने प्रेस ब्रीफिंग की। उन्होंने बताया, “राजस्थान की कैबिनेट ने राजस्थान सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स 1996, सेक्शन 53 (ए) के प्रावधानों को हटाने का फैसला किया है। नियम के अंतर्गत सरकारी कर्मचारी के तीसरा बच्चा होने पर उसे सेवानिवृत्त होना पड़ता है।”

राठौर ने आगे कहा, “परिवार नियोजन संबंधी योजनाओं को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार हर तरह से प्रयास कर रही है।” उन्होंने आगे दावा किया कि पिछले कुछ सालों में क्षेत्र में जन्म दर में काफी सुधार देखने को मिला है। बकौल मंत्री, “हमारे राज्य में, परिवार नियोजन से जुड़ी सभी योजनाएं सही से लागू की गई हैं।”

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सीएम की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसके अलावा 13 निवेश प्रस्तावों सहित कई अहम फैसले लिए गए। औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए तकरीबन छह हजार करोड़ रुपए से अधिक के 13 निवेश प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। दावा है कि इसके जरिए लगभग 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

संसदीय कार्य मंत्री ने आगे बताया कि बैठक में युद्ध एवं मिशन में वीरगति हासिल करते हुए भारतीय सेना के आठ जवानों के आश्रितों को आवासन मंडल की जयपुर स्थित आवासीय योजनाओं में एमआईजी (बी) के एक-एक आवास निःशुल्क आवंटित करने का फैसला किया गया है।

क्या था मामला?: राजस्थान सरकार ने साल 2002 में यह प्रावधान शुरू किया था। इसमें सरकारी कर्मचारियों को तीसरा बच्चा पैदा होने पर सेवानिवृत्त कर देने का प्रावधान था। साल 2016 में सरकार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के मामले में राहत दी। बाद में उन्होंने पदोन्नति के मामले में प्रावधान में परिवर्तन किया था। हालांकि, सेवानिवृत्ति वाले प्रावधान में कोई संशोधन नहीं किया गया था।

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