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“लाशों के भी होते हैं अधिकार, परिजन मुआवजे या अपनी मांग मनवाने के लिए अगर नहीं करे अंतिम संस्कार तो करा दे सरकार”

अपने आदेश में SHRC के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रकाश टाटिया ने कहा कि एक शव को लेकर मोलभाव मृतक के सीमित अधिकारों का उल्लंघन है।

Author Published on: October 20, 2019 11:00 AM
राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के प्रमुख प्रकाश टाटिया ने पहले लीव-इन रिलेशनशिप को ‘सामाजिक आतंकवाद’ की संज्ञा दी थी। (फाइल फोटो सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस)

राजस्थान के राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने का कहना है कि शवों के भी अधिकार होते हैं। लिहाजा, परिजन अपने मांगे मनवाने या मुआवजे के लिए मोलभाव नहीं कर सकते हैं और न ही धरना प्रदर्शन कर सकते हैं। आयोग ने कहा कि यदि परिवार रीति-रिवाजों या कानून के अनुसार शव का अंतिम संस्कार करने में विफल रहता है, तो फिर सरकार का कर्तव्य बनता है कि वह स्थानीय निकायों या पुलिस की मदद से अंतिम संस्कार करा दे।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक अपने आदेश में SHRC के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रकाश टाटिया ने कहा कि एक शव को लेकर मोलभाव मृतक के सीमित अधिकारों का उल्लंघन है और इसे कॉग्निजबल अपराध (Cognisable Offence) घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने गृह विभाग से मामले में उचित कानून बनाने को कहा। 24 जून, 2017 को पुलिस द्वारा मारे गए गैंगस्टर आनंद पाल का उदाहरण देते हुए कहा कि 1 जुलाई 2017 तक उसके परिवार ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। क्योकि, परिवार ने अपनी मांगे पूरी होने तक इंतजार किया।

SHRC ने कहा कि परिजन, या कोई अन्य व्यक्ति अंतिम संस्कार करने के लिए आवश्यक समय को छोड़कर किसी अन्य उद्देश्य के लिए लाश को नहीं रख सकते। SHRC ने राज्य सरकार से कहा कि वह “मौताना” की जनजातीय प्रथा से निपटने के लिए एक कानून बनाए। इस प्रथा के तहत किसी अप्राकृतिक कारण से मरने वाले व्यक्ति का परिवार अंतिम संस्कार तब तक नहीं करता जब तक कि उन लोगों से मुआवजा नहीं मिल जाता। मौत के लिए जिम्मेदार होना। शवों के जरिए काम अक्सर सरकार पर दबाव बनाने का होता है।

आदेश में कहा गया है कि यदि परिवार अपने दायित्व का निर्वहन करने में विफल रहता है तो सरकार का अंतिम संस्कार करने की जिम्मेदारी है। आयोग ने कहा कि इस आशय का एक प्रावधान राजस्थान पुलिस अधिनियम, 2007 में धारा 29 (मानवाधिकार) और 71 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत दिया गया है।

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