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Rajasthan Politics: घर, गाड़ी के लिए पद लेने वाला इंसान नहीं हूं, आवाज उठाता रहूंगा- बोले सचिन पायलट

इस दौरान सचिन पायलट ने कहा कि पार्टी और सरकार को नेतृत्व देने का काम मैं आज से नहीं दो दशक से कर रहा हूं और करता रहूंगा। भविष्य में क्या होगा मैं नहीं कह सकता।

सचिन पायलट ने एक इंटरव्यू के दौरान यह बातें कहीं। (फाइल फोटो-पीटीआई)

राजस्थान कांग्रेस में सियासी घमासान के बाद भले ही थोड़ी शांति आई हो लेकिन सचिन पायलट अभी भी अपने आलोचकों को निशाने पर लेने से कतरा नहीं रहे हैं। एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में सचिन पायलट ने कहा कि मैं घर, गाड़ी के लिए पद लेने वाला इंसान नहीं हूं। मैं लगातार आवाज उठाता रहूंगा।

इस दौरान सचिन पायलट ने कहा कि पार्टी और सरकार को नेतृत्व देने का काम मैं आज से नहीं दो दशक से कर रहा हूं और करता रहूंगा। भविष्य में क्या होगा मैं नहीं कह सकता। आज से छह साल पहले किसको पता था कि आज मैं इस पद पर रहूंगा। हम लोग काम करेंगे लोगों को साथ रखेंगे। और मैं हमेशा अपने आपको जोड़ने वाला व्यक्ति बनाना चाहता हूं। मैं पांच साल विपक्ष में था तो अलग-अलग लोग थे अलग गुट के लोग थे। हाथ पैर जोड़कर सबको साथ लाए किसी को मनाया किसी के साथ मुस्कुराए। हमेशा जोड़ने का काम करना चाहिए क्योंकि तोड़ना, फूट पैदा कर देना, अलग-अलग रास्ता अपनना यह लॉग टर्म सॉल्यूशन नहीं होता है। उन्होंने आगे कहा कि मिलकर काम करना चाहिए लेकिन अपनी बात कहने से कोई हिचकिचाए ना ऐसा वातावरण बनाना भी बहुत जरूरी है।

पत्रकार के सवाल पर कि क्या कांग्रेस ने युवा बनाम बुजुर्ग ब्रिगेड की जंग चल रही है पर पायलट ने कहा मैं तो अधेड़ उम्र का हो गया हूं आप मुझे युवा भी नहीं कह सकती बुजुर्ग भी नहीं कह सकती। लेकिन ये बनाया गया है कि ये एक्स बनाम वाई है क्योंकि पार्टी में हर तरह के लोग हैं  हर आयु के लोग हैं। बहुत से लोग कम उम्र में बहुत कुछ कर लेते हैं बहुत से लोग ज्यादा आयु तक कुछ नहीं कर पाते। तो ये जो विवाद है बनाया गया है कि उम्र को लेकर लोगों के बीच टकराव पैदा किया गया है। ऐसा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हमें रिजल्ट ओरिएंटेड काम करना चाहिए जिस ताले में जो चाबी फिट हो जाए वहीं इस्तेमाल करना चाहिए।

बता दें कि राजस्थान में सियासी संकट खत्म होने के बाद पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने उनके एवं समर्थक विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समयबद्ध तरीके से निराकरण का आश्वासन दिया है और उन्होंने किसी पद की या कोई दूसरी मांग नहीं रखी है।

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