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राजस्थान न बने MP, इसलिए हरकत में आए ये कांग्रेसी, काटे अशोक गहलोत कैंप के ‘कष्ट’!

इसी बीच, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को कहा कि राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के पास पूर्ण बहुमत है और वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।

Sachin Pilot, INC, Congressकांग्रेस के सीनियर नेताओं रणदीप सिंह सुरजेवाला, अविनाश पाण्डे, अजय माकन और केसी वेणुगोपाल के साथ विक्ट्री साइन देते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। (फोटोः पीटीआई)

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बनाम डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच तनातनी के चलते सूबे में सियासी संकट पनपा हुआ है। हालात मध्य प्रदेश (जहां कांग्रेस की सरकार गिरी और फिर बीजेपी सत्ता में आई) जैसे न बने, इसलिए कांग्रेस पार्टी के कुछ प्रवक्ताओं और नेताओं ने सुपर एक्टिव मोड में आते हुए मोर्चा संभाला और गहलोत खेमे के कष्ट काटने में जुट गए। फिर चाहें इनमें दिल्ली के नेता हों या फिर राजस्थान के। आइए जानते हैं, कौन हैं ये चेहरेः 

रणदीप सुरजेवालाः कांग्रेस प्रवक्ता को रविवार शाम जयपुर भेजने का संदेसा दियाग गया था। चार्टर्ड प्लेन से वह वहां गए और विधायकों को साधने की कोशिश की। पार्टी विधायक दल की बैठक से पहले विधायकों को चेताया कि अगर नहीं आए, तो कड़ा ऐक्शन होगा। हालांकि, सोमवार सुबह उनके तेवर मीडिया से बातचीत के दौरान बदले हुए थे। पायलट का नाम लेकर उन्होंने कहा कि सभी एमएमए के लिए कांग्रेस के दरवाजे खुले थे, हैं और रहेंगे।

अविनाश पांडेः राजनीतिक जानकारों की मानें तो संकट में गहलोत सरकार की मुश्किलें कम करने में सूबे के कांग्रेस प्रभारी अविनाश पाण्डे को खासा अहम माना जा रहा है। सियासी अस्थिरता के संकेत मिलते ही वह हरकत में आए और कांग्रेसी विधायकों को एक रखने की कवायद में लग गए।

केसी वेणुगोपालः यह वरिष्ठ नेता और पार्टी महासचिव सुरजेवाला और माकन के पहुंचने से पहले ही जयपुर में जमीनी स्तर पर सियासी ताल ठोंक रहे थे। विधायकों को साध कर रखने में इन्होंने भी अहम भूमिका निभाई। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में बताया गया कि वेणुगोपाल ने विधायकों से कहा कि वे औरों की बातों में न आएं, क्योंकि उन्हें किसी से खतरा नहीं है।

अजय माकनः INC ने सुरजेवाला के साथ दिल्ली से दिल्ली के पूर्व कांग्रेस चीफ अजय माकन को भी जयपुर रवाना किया, जिन्होंने सीएम गहलोत और वहां के कबीना मंत्रियों के साथ सामंजस्य बिठाया और जहां भी जोड़-तोड़ का डर या आशंका लगी वहां चीजों को दुरुस्त किया। कहा जा रहा है कि उन्होंने भी विधायकों को इस घड़ी में एक रहने की सलाह दी।

होटल पहुंचे कांग्रेस विधायक, पायलट के संपर्क में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्वः राजस्थान में चल रही सियासी उठापठक के बीच सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रति समर्थन प्रकट किया गया और फिर विधायकों को जयपुर के एक होटल में ले जाया गया। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पारित एक प्रस्ताव में बागी रुख अपनाने वाले उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए कहा गया है कि अगर कोई पार्टी पदाधिकारी या विधायक इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

राहुल की ईर्ष्या कांग्रेस के विनाश का कारण- उमाः राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर आए संकट के बीच भाजपा की वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोमवार को राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि ईर्ष्या के कारण वह युवा नेताओं को अपनी पार्टी में पनपने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के नेताओं के बीच दरार पैदा करते हैं और पार्टी के अंदर जब संघर्ष को नियंत्रित करने में असमर्थ होते हैं तो दोष भाजपा पर डालते हैं।

इस सरकार का चले जाना ही राजस्थान के हित में- पूनियाः प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनियां ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी की सरकार राजस्थान के लोगों के मन से उतर गयी है। आज भी यह सरकार बहुमत की सरकार नहीं कही जा सकती…निरपेक्ष बहुमत की सरकार नहीं थी…(पिछले विधानसभा चुनाव के बाद उसके पास)केवल 99 सीटें थीं, (फिर) दो उपचुनाव जीते और उसके बाद का घटनाक्रम सबके सामने है। यह सरकार चले जाना ही राजस्थान की जनता के हित में है।’’

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