राजस्थानः गहलोत सरकार की दो टूक, कहा- नहीं होगी शराब बंदी, राजस्व जुटाना हमारी प्राथमिकता

गहलोत की हिदायत पर मंत्रालय के अधिकारियों ने बिहार जाकर वहां पर चल रही शराब बंदी की नीति का अध्ययन किया था। उन्होंने देखा था कि नीतीश सरकार कैसे बिहार को शराब के मामले में फ्री बनाए हुए है।

ASHOK GEHLOT, CM RAJASTHAN
सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट पर चर्चा करते सीएम अशोक गहलोत। (फोटोः ट्विटर@jprcindia)

अशोक गहलोत सरकार का कहना है कि सूबे में किसी तरह की शराबबंदी नहीं होगी। सरकार को इससे अच्छी खासी आमदनी होती है। एक सवाल के जवाब में सरकार ने असेंबली में कहा कि वह लोगों को बेहतरीन शराब बेचकर राजस्व जुटाना चाहती है। शराब पर पाबंदी लगाने का विचार नहीं है।

दरअसल, बीजेपी विधायक मदन दिलावर के सवाल का पिछले दिनों लिखित जवाब देते हुए सरकार ने यह बात स्वीकार की थी। खास बात है कि गहलोत कई बार राज्य में शराब बंदी को लेकर बयान दे चुके हैं। पिछले दिनों उन्होंने बिहार से शराब बंदी की रिपोर्ट मंगवाई थी। उनका इरादा राजस्थान में भी शराब को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का लग रहा था।

गहलोत की हिदायत पर मंत्रालय के अधिकारियों ने बिहार जाकर वहां पर चल रही शराब बंदी की नीति का अध्ययन किया था। उन्होंने देखा था कि नीतीश सरकार कैसे बिहार को शराब के मामले में फ्री बनाए हुए है। राजस्थान सरकार की एक 4 सदस्यों की टीम ने 5 दिन तक बिहार में रहकर एक रिपोर्ट भी तैयार की। इसमें बताया गया कि बिहार में शराबंदी से वहां के लोगों के जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ है।

दिसंबर 2020 में बिहार गई इस टीम ने गोपालगंज के सीमावर्ती इलाकों का दौरा करने के बाद रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन अब राजस्थान सरकार ने अधिकारियों की इस रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में रखते हुए नई आबकारी नीति जारी कर दी है।

राजस्थान सरकार की नई आबकारी नीति 31 मार्च 2021 तक वैध रहेगी। सरकार को इस नई नीति से राजस्व बढ़ने की भी काफी उम्मीद है। इसमें कमाई पर ज्यादा फोकस रखा गया है। गलहोत सरकार ने इस साल का अपना लक्ष्य लगभग 10,500 करोड़ का रखा है। इसके तहत शराब की दुकानों के लिए नए लाइसेंस भी जारी किए जाएंगे।

महकमे की स्थिति को सुधारने के लिए 2020-21 से पहले अवैध शराब के मामलों में जब्त वाहनों की नीलामी भी की जाएगी। इस नीलामी से करीब 25 करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद है। इसका 50 फीसदी हिस्सा विभाग में नए संसाधन खरीदने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। अलवर और भरतपुर में आबकारी प्रयोगशाला स्थापित करने की भी योजना है।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट
X