राजस्थानः चार दलित समेत 15 MLA बनेंगे मंत्री, जातीय-क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश, बोले पायलट- नए मंत्रिमंडल में गुटबाजी नहीं

अशोक गहलोत के नए मंत्रिमंडल में 11 कैबिनेट और 4 राज्य मंत्री होंगे। शपथ ग्रहण समारोह रविवार शाम चार बजे राजभवन में होगा। नए मंत्रिमंडल में पायलट खेमे के भी चार विधायकों को जगह दी गई है।

रविवार को अशोक गहलोत कैबिनेट के 15 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। (फोटो: पीटीआई)

रविवार को राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल के बाद 15 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में 11 कैबिनेट मंत्री और 4 राज्य मंत्री शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह रविवार शाम चार बजे राजभवन में होगा। नए मंत्रिमंडल में पायलट खेमे के भी चार विधायकों को जगह दी गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कैबिनेट मंत्री के रूप में हेमाराम चौधरी, महेंद्रजीत मालवीय, रामलाल जाट, महेश जोशी, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, ममता भूपेश, भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली, गोविंद राम मेघवाल व शकुंतला रावत को शपथ दिलाई जाएगी।

वहीं विधायक जाहिदा खान, बृजेंद्र ओला, राजेंद्र गुढ़ा व मुरारी लाल मीणा को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। नए मंत्रिमंडल में पायलट खेमे के हेमाराम चौधरी, रमेश मीणा, मुरारी लाल मीणा और बृजेंद्र ओला को भी जगह दी गई है। वहीं बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में आए छह विधायकों में से एक राजेंद्र गुढ़ा को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।

नए मंत्रिमंडल में गुटबाजी नहीं, बोले पायलट

मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने जयपुर में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि कल राजस्थान के कैबिनेट का पुनर्गठन हुआ था। आज प्रदेश के राज्यपाल नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। मुझे खुशी है कि कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी और प्रदेश की सरकार ने जो कुछ कमियां थीं उसे पूरा किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि नए मंत्रिमंडल में कोई गुटबाजी नहीं है।

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान की नई कैबिनेट में 4 दलित मंत्रियों को जगह दी गई है। हमारी पार्टी चाहती है कि दलित, उपेक्षित, पिछड़े लोगों का प्रतिनिधित्व हर जगह होना चाहिए। काफी समय से हमारी सरकार में दलितों का प्रतिनिधित्व नहीं था अब भरपाई की है। आदिवासियों का भी प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया।

राज्य में 2023 के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस पुनर्गठन के जरिए क्षेत्रीय व जातीय संतुलन भी बनाने की कोशिश की गई है। जिन तीन मंत्रियों को राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री बनाया गया है वे अनुसूचित जाति से हैं। नए कैबिनेट मंत्रियों में चार अनुसूचित जाति से, तीन अनुसूचित जनजाति से होंगे। अब गहलोत कैबिनेट में तीन महिलाएं मंत्री हो जाएंगी।

गहलोत मंत्रिमंडल में इन नए मंत्रियों के आने से अधिकतम 30 मंत्रियों का कोटा पूरा हो जाएगा। सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल फेरबदल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 विधायकों को संसदीय सचिव व सात को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया जाएगा।

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