ताज़ा खबर
 

राजस्थान: भाजपा में दिखा बदलाव का असर, संगठन में हिस्सा लेने लगीं वसुंधरा राजे

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से किए गए प्रदेश संगठन प्रभारियों के बदलाव का असर अब पार्टी पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संगठन की गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है..
Author August 5, 2015 18:30 pm

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से किए गए प्रदेश संगठन प्रभारियों के बदलाव का असर अब पार्टी पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संगठन की गतिविधियों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है। राजे ने अरसे बाद शहरी निकायों के चुनाव की तैयारियों से जुड़ी बैठक में शामिल होकर बदलाव का संकेत दिया है।

राज्य भाजपा के संगठन के प्रभारी के तौर पर तैनात किए गए अविनाश राय खन्ना और सहप्रभारी वी सतीश की कड़ाई अब नेताओं पर असर दिखाने लगी है। राजस्थान में भाजपा संगठन पर सरकार से जुड़े नेताओं के हावी होने से केंद्रीय नेतृत्व खासा नाराज हो गया था। इसके चलते संगठन की गतिविधियां धीमी हो गई थीं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी कई बार प्रदेश में संगठन और सरकार की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जता चुके थे। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर उन्होंने संगठन के प्रभारी और सहप्रभारी बदल दिए थे।

केंद्रीय नेतृत्व की मंशा को भांप कर ही प्रदेश के नेता अब संगठन को तवज्जो देने लगे है। प्रदेश में इसी महीने 129 शहरी निकायों के चुनाव होंगे। इसकी तैयारियों और उम्मीदवारों के चयन को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी अपने तय कार्यक्रमछोड़ कर पार्टी दफ्तर में होने वाली बैठकों में शामिल हो रही हैं। जबकि इससे पहले राजे संगठन को ऐसी तवज्जो नहीं देती थी। संगठन के नेता ही मुख्यमंत्री के सरकारी निवास पर जाकर उनसे निर्देश हासिल कर बैठकों की औपचारिकता निभाते थे।

राज्य में पिछले साल नवंबर में हुए 45 शहरी निकायों के चुनाव की पूरी जिम्मेदारी गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया को सौंपी थी। इस बार ऐसा नहीं कर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खुद संगठन के काम में जुटी हुई है। संगठन के प्रति राजे के बदलाव का असर अन्य नेताओं पर भी हुआ है। इसके कारण ही सरकार के तमाम मंत्री भी शहरी निकायों के चुनाव की तैयारियों से जुड़ गए हैं।

प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है ललित मोदी विवाद में फंसने के बाद ही वसुंधरा राजे अब संगठन को तवज्जो देने लगी हैं। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने विवाद में जिस ढंग से राजे का पक्ष लिया, उससे हालात अब बदल गए हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने संगठन के प्रभारियों में बदलाव कर एक तरह से प्रदेश भाजपा में वसुंधरा समर्थकों को कमजोर कर दिया है। नए प्रभारी अविनाश राय खन्ना और वी सतीश पूरी तरह से केंद्रीय नेतृत्व के भरोसेमंद है। इसके साथ ही उनकी निष्ठा आरएसएस से जुड़ी हुई है।

राजस्थान में वसुंधरा सरकार के मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर संघ खासा खफा है। जयपुर में मंदिरों को तोड़ने के मामले में तो संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तक छेड़ रखा है। प्रदेश भाजपा के नये प्रभारी संघ और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की कोशिशों में लगे हुए है। भाजपा के सह संगठन प्रभारी वी सतीश की कोशिशों के बाद ही संघ और सरकार के बीच मंदिरों को तोड़े जाने के मसले पर सुलह के दरवाजे खुले। इसके साथ ही भाजपा के जमीनी पदाधिकारियों को सरकार में तवज्जो दिलाने की कार्ययोजना भी बनाई जा रही है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App