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राजस्‍थान विधानसभा चुनाव: अमित शाह कर रहे मॉनिटरिंग, पहले ही भेज रखा अपना दूत

भाजपा अपनी रणनीति के तहत अलग-अलग विधानसभाओं पर अलग-अलग ध्यान दे रही है। इसके साथ ही पार्टी चुनाव प्रचार के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ने का प्रयास कर रही है।

Author October 9, 2018 10:21 AM
Rajasthan Assembly Election की मॉनिटरिंग अमित शाह खुद कर रहे हैं। (PTI Photo)

राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। सभी राजनैतिक पार्टियों ने हालांकि इसकी तैयारियां पहले ही शुरु की हुई हैं। लेकिन तारीखों के ऐलान के बाद तैयारियों में तेजी आयी है। माना जा रहा है कि राजस्थान में इस बार भाजपा को कड़ी चुनौती मिल सकती है। भाजपा भी इस बात को समझती है, यही वजह है कि पार्टी भी अपनी पूरी ताकत राजस्थान विधानसभा चुनाव में झोंक रही है। भाजपा अपनी रणनीति के तहत अलग-अलग विधानसभाओं पर अलग-अलग ध्यान दे रही है। इसके साथ ही पार्टी चुनाव प्रचार के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ने का प्रयास कर रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खुद राजस्थान चुनाव की तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

भाजपा ने राजस्थान में संगठन और गवर्नेंस के स्तर पर भी कई सुधार किए हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी महासचिव पी.मुरलीधर राव को राजस्थान विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जिम्मा सौंपा हुआ है, जिसके लिए मुरलीधर राव राजस्थान पहुंच चुके हैं। बता दें कि मुरलीधर राव राजस्थान चुनाव की तारीखों का ऐलान होने से पहले ही राजस्थान में हैं। हालांकि पार्टी ने उन्हें राजस्थान चुनाव का इंचार्ज नहीं बनाया था। अब बीते हफ्ते पार्टी ने केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।

बता दें कि हाल ही में हुए एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार को इस बार सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि भाजपा के लिए अच्छी बात ये है कि राजस्थान में दिसंबर में चुनाव होने हैं, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में उससे पहले चुनाव हो जाएंगे। ऐसे में भाजपा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से निपटकर राजस्थान चुनाव के लिए फोकस के साथ तैयारियां कर सकेगी। राजस्थान के साथ ही तेलंगाना में भी चुनाव होने हैं, लेकिन भाजपा के लिए वह इतनी चिंता का विषय नहीं है क्योंकि तेलंगाना में भाजपा को ज्यादा उम्मीदें हैं भी नहीं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की कोशिश है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव को मोदी बनाम राहुल गांधी बनाया जाए, ताकि पार्टी वसुंधरा राजे के खिलाफ जारी मतदाताओं की नाराजगी को एक विकल्प दे सकें। आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी का 3 बड़े हिंदीभाषी राज्यों के चुनाव पर खासा जोर है और इसे लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल की तरह देखा जा रहा है। यही वजह है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर रहने की उम्मीद है।

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