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सीएम अशोक गहलोत कर रहे थे जयपुर में कैबिनट मीटिंग, डिप्टी सीएम सचिन पायलट नहीं हुए शामिल; 10 विधायकों संग दिल्ली में डाला डेरा

शनिवार को अशोक गहलोत ने कैबिनेट की मीटिंग की थी। इस बैठक में भी सचिन पायलट शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के 10 विधायक अपनी पीड़ा कांग्रेस आलाकमान को बताने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।

ashok gehlot sachin pilot rajsathanराजस्थान सरकार पर गहराया संकट, सचिन पायलट दिल्ली में मौजूद। (पीटीआई/फाइल)

राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल छाए हुए हैं। ऐसे समय में जब अशोक गहलोत अपनी सरकार को बचाने की जुगत में जुटे हैं, वहीं राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट दिल्ली में हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस के 10 विधायक भी इस वक्त दिल्ली या गुरुग्राम में डेरा डाले हुए हैं। राजस्थान के सियासी हालात को देखते हुए सचिन पायलट और 10 विधायकों का दिल्ली में होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

शनिवार को अशोक गहलोत ने कैबिनेट की मीटिंग की थी। इस बैठक में भी सचिन पायलट शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के 10 विधायक अपनी पीड़ा कांग्रेस आलाकमान को बताने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि 10 विधायक सचिन पायलट के समर्थन में गोलबंद हुए हैं या नहीं। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि कांग्रेस के 10 नहीं बल्कि 16 विधायक दिल्ली या गुरुग्राम पहुंचे हुए हैं। इनके साथ कुछ निर्दलीय विधायकों के भी साथ होने की बात कही जा रही है।

वहीं विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश के आरोप में राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है। बताया जा रहा है कि दोनों लोगों के फोन पुलिस ने सर्विलांस पर रखे हुए थे। इस दौरान सामने आया कि ये लोग किसी से कह रहे थे कि गहलोत और पायलट में झगड़ा चल रहा है। विधायकों की खरीद फरोख्त में अच्छी कमाई हो सकती है।

बता दें कि राजस्थान में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से ही सचिन पायलट और अशोक गहलोत में तनातनी चल रही है। 2013 विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस ने सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। जिसके बाद पायलट ने पार्टी को राजस्थान में ना सिर्फ फिर से मजबूत किया बल्कि सत्ता भी कब्जायी। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने सीएम पद के लिए एक बार फिर युवा नेतृत्व के बजाय अनुभव को तरजीह दी और अशोक गहलोत को तीसरी बार राज्य का सीएम बनाया गया।

हालांकि सचिन पायलट को डिप्टी सीएम का पद देकर उन्हें भी संतुष्ट करने की कोशिश की गई। इसके बाद विभाग आवंटन, लोकसभा चुनाव, मेयर पद के उम्मीदवारों और कोटा में नवजात बच्चों की मौत के मुद्दे पर सचिन पायलट और अशोक गहलोत का टकराव साफ देखने को मिला। आशंका जतायी जा रही है कि राजस्थान में भी मध्य प्रदेश की तरह कांग्रेस की सरकार सत्ता से बाहर हो सकती है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता ऐसी किसी भी आशंका से इंकार कर रहे हैं।

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