अब राजस्थान में संघर्ष, रिपोर्ट में दावा- हरियाणा पुलिस के जवान को वकीलों ने पीटा

राजस्थान के अलवर जिला अदालत में हरियाणा पुलिस के अंडरट्रायल एक जवान को वकीलों ने पीट दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अदालत परिसर में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात किया गया है।

राजस्थान के अलवर जिला अदालत में वकीलों ने एक पुलिसकर्मी की पिटाई कर डाली। (फोटो क्रेडिट/ सोशल मीडिया वीडियो)

वकील बनाम पुलिस वालों की जंग अब दिल्ली से बाहर भी देखी जा रही है। ताजा घटना राजस्थान के अलवर की है। यहां की जिला अदालत में हरियाणा पुलिस के एक जवान को वकीलों द्वारा पीटने की घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक बुधवार को अलवर जिला अदालत के वकीलों ने अंडर-ट्रायल चल रहे हरियाणा पुलिस के एक जवान की धुनाई कर डाली। इसके बाद से कोर्ट परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। देखते ही देखते परिसर में पुलिस बल को भी तैनात कर दिया गया है।

फिलहाल, मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कोर्ट परिसर में तनाव का माहौल, लेकिन स्थिति को कंट्रोल में कर लिया गया है। गौरतलब है कि मंगलवार दिल्ली पुलिस द्वारा विरोध-प्रदर्शन करने के बाद से वकीलों ने बुधवार को पटियाला कोर्ट, रोहिणी कोर्ट और तीस हजारी कोर्ट में हड़ताल कर प्रदर्शन शुरू कर दिए। इस दौरान दिल्ली की स्थानीय अदालतों में छीटपुट झड़प की खबरें आईं। बुधवार को विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक वकील ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ उस पुलिसकर्मियों से जिन्होंने गोली चलाई और हमारे ऊपर लाठीचार्ज किए। वकीलों का कहना है कि जब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता, उनका विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।

उधर, बार काउंसिल के चेयरमैन मनन मिश्रा कहा है कि संबंधित मामले को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया गया है। मिश्रा ने दावा किया कि पुलिस मामले में अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। दिल्ली में बुधवार को वकीलों और पुलिस वालों के विवाद में तनाव तब और गहरा हो गया जब दो वकीलों ने आत्महत्या करने की धमकी दे डाली। इस दौरान एक आशीष नाम के वकील ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल भी उड़ेल लिया। लेकिन, वक्त रहते उसके साथियों ने उसे रोक लिया।

कोर्ट परिसर में बाइक पार्क करने को लेकर वकील और पुलिसकर्मी का विवाद अब राजनीतिक रूप भी लेता दिखाई दे रहा है। अब सवाल उठ रहा है कि इस पूरे विवाद में पुलिस सही है या वकील। मंगलवार को जिस तरह से पुलिसकर्मियों ने चौंकाते हुए धरना दे दिया। उसके बाद से राजनीतिक टिप्पणियां भी आनी शुरू हो चुकी हैं। सीपीआई के नेता और जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने भी तंज भरे लहजे में आरोप लगाया कि राजनीतिक गुणा भाग के चलते ही पूरे मामले पर न तो कानून मंत्री और न ही गृहमंत्री का कोई बयान आया है। हालांकि, इस दौरान वकीलों पर तंज कसते हुए कन्हैया ने यह भी कहा कि जब उन पर कोर्ट परिसर में वकीलों ने हमला किया था, तब पुलिस और वकीलों के सरदारों को सरकार ने ईनाम दिया था।

मंगलवार को पुलिसकर्मी और उनके परिजनों द्वारा धरना देने के बाद उन्हें जब उनकी शर्तें मानने का आश्वासन मिला, तब उन्होंने अपना धरना समाप्त किया था। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने बताया कि स्थिति में अब सुधा हो रहा है।

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