महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के चीफ राज ठाकरे और शिवसेना UBT चीफ उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने घोषणा की कि 4 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ एक प्रोटेस्ट मार्च निकाला जाएगा, जो बायकुला से BMC हेडक्वार्टर तक जाएगा। राज ठाकरे ने कहा कि कई सालों से हम लगातार EVM और इलेक्शन कमीशन के मनमाने कामों पर सवाल उठा रहे हैं, फिर भी अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
राज ठाकरे ने कहा, “4 तारीख को एक संयुक्त प्रोटेस्ट मार्च निकाला जाएगा। मार्च बायकुला से BMC हेडक्वार्टर तक जाएगा। यह प्रोटेस्ट चुनाव आयोग के खिलाफ होगा। MNS कई सालों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव आयोग के काम करने के तरीके पर सवाल उठा रही है। मैं सभी पार्टियों को इस प्रोटेस्ट मार्च में शामिल होने के लिए इनवाइट करना चाहूंगा।”
CJP के ‘जेल भरो आंदोलन’ को राज का समर्थन
राज ठाकरे ने चुनाव आयोग के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘जेल भरो आंदोलन’ को भी समर्थन दिया। MNS चीफ राज ठाकरे ने कहा, “हम CJP के ‘जेल भरो’ मूवमेंट को अपना पूरा सपोर्ट देंगे।” यह घोषणा वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के बढ़ते विरोध के बीच हुई है।
इस बीच दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रोटेस्ट के लिए अभी तक कोई परमिशन नहीं दी गई है। AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को लोगों से जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने की पब्लिक अपील की थी। दूसरे विपक्षी दलों के भी इसमें शामिल होने या पैरेलल प्रोटेस्ट करने की संभावना है।
अभिजीत दीपके का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया है। अभिजीत दीपके ने पहले कहा था कि मुंबई पुलिस ने CJP के प्रोटेस्ट के लिए परमिशन देने से मना कर दिया है। मुंबई पुलिस ने साफ किया कि 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के ऑर्डर के हिसाब से शिवाजी पार्क में इकट्ठा होने की इजाज़त देने का अधिकार उसके पास नहीं है। पुलिस ने कहा कि यह इलाका साइलेंस ज़ोन है। पुलिस ने कहा कि आवेदक अजिंक्य शिंदे को मुंबई में कोई दूसरी जगह ढूंढने की सलाह दी गई थी।
इससे पहले शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शनों को सपोर्ट करने का ऐलान किया है। उन्होंने X पर कहा, “अगर ज्ञानेश नहीं जाते हैं, तो मुंबई 2 अक्टूबर से वोट चोरी के खिलाफ़ भारी संख्या में बाहर निकलेगी!!” कांग्रेस ने सोमवार को अपना विरोध तेज कर दिया, राज्यों की राजधानियों और ज़िलों में प्रदर्शन किए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की है और कहा है कि पार्टी SIR मुद्दे पर गंभीरता से लड़ेगी।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी मंगलवार को इस मामले पर चर्चा करने वाली है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के बाद यह राजनीतिक विवाद और बढ़ गया, जिसमें कहा गया था कि इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR एक्सरसाइज़ से जुड़े फ़ैसलों और प्रोसेस के बारे में 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। इस बीच, चुनाव आयोग ने इस बात को खारिज कर दिया है कि बताई गई आपत्तियां संस्थागत असहमति को दिखाती हैं, और कहा है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग की एकमत से लिए गए थे।
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पिछले कुछ दिनों से देश के तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के कामकाज की जांच-पड़ताल हो रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर को छपी एक जांच रिपोर्ट से पता चला है कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 माह से कम से कम 14 बार अपनी आपत्ति दर्ज कराई थीं। आयोग ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और टिप्पणियों विचार-विमर्श की प्रक्रिया का ही एक हिस्सा थीं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
