महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को मुंबई स्थित उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास पर उनसे मुलाकात की। पिछले महीने हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के बाद यह उनकी पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक पदाधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि शिंदे के आधिकारिक आवास नंदनवन में हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। एमएनएस ने कल्याण-डोम्बिवली में शिंदे की सेना को अपना समर्थन जारी रखा था।
पिछले महीने एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उन्होंने कभी व्यक्तिगत लाभ नहीं देखा और हमेशा व्यापक दृष्टिकोण से निर्णय लिए। उन्होंने कहा था कि एमएनएस ने कल्याण-डोम्बिवली में विकास के लिए शिवसेना का समर्थन किया है। पहले भी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में एमएनएस हमारे (महायुति) साथ थी। भाजपा और शिवसेना का गठबंधन सिर्फ अभी के लिए नहीं है। अब एमएनएस भी इसमें शामिल हो गई है। हम देख रहे हैं कि (यूबीटी शिवसेना-एमएनएस) गठबंधन से किसे फायदा हुआ और किसे नुकसान। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने कभी व्यक्तिगत लाभ नहीं देखा।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज ठाकरे ने हमेशा व्यापक दृष्टिकोण से निर्णय लिए हैं। उन्होंने विकास के मामले में पीएम मोदी का समर्थन किया था। उन्होंने विधानसभा चुनावों में भी हमारा समर्थन किया था। शिंदे ने कहा कि राज ठाकरे अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को महत्व देते हैं।
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राज ठाकरे की हालिया पहल एमएनएस के भीतर स्पष्ट असंतोष के बीच आई है। जिसमें इसके कुछ नेताओं ने नगर निगम चुनावों के दौरान शिवसेना (यूबीटी) से अपर्याप्त समर्थन मिलने पर सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त की है।
यह बैठक बीएमसी के उस बहुचर्चित चुनाव के बाद हुई जिसमें ठाकरे चचेरे भाई लगभग दो दशकों के बाद फिर से एक साथ आए थे, लेकिन उनका संयुक्त प्रयास असफल रहा। भारतीय जनता पार्टी विजयी हुई और इस तरह ठाकरे परिवार के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना के लगभग तीन दशक के वर्चस्व का अंत हो गया।
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