Tatkal booking rules: तत्काल टिकट बुकिंग को सुव्यवस्थित और बेहतर बनाने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के कोटा डिवीजन ने अपने सभी स्टेशनों पर टोकन सिस्टम शुरू किया है। इस कदम का मकसद यात्रियों की सुविधा बढ़ाना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और लंबी कतारों के मैनेजमेंट को बेहतर बनाना है। 1 अप्रैल 1952 को बने कोटा डिवीजन भारतीय रेलवे (IR) के पश्चिमी मार्ग के सबसे महत्वपूर्ण डिवीजनों में से एक है। कोटा डिवीजन का भौगोलिक विस्तार मुख्य रूप से राजस्थान में फैला हुआ है जबकि इसके कुछ हिस्से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी आते हैं।
तत्काल रिजर्वेशन सिस्टम: टोकन बंटने का समय
कोटा डिविजन के मुताबिक, एयर-कंडीशंड (AC) कैटेगिरी में तत्काल टिकट बुक करने के इच्छुक यात्रियों को सुबह 9 से 9.25 बजे के बीत टोकन दिए जाएंगे। वहीं स्लीपर कैटेगिरी के लिए टोकन 9.30 से 9.55 के बीच मिलेंगे।
रेलवे ने कहा, ”यात्रियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित समय पर बुकिंग कार्यालय पहुंचें, नई व्यवस्था में सहयोग करें और पारदर्शी आरक्षण प्रक्रिया का लाभ उठाएं।”
भारतीय रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग का समय
भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक,तत्काल टिकट बुकिंग विंडो ट्रेन की यात्रा तारीख से एक दिन पहले खुलती है। एसी क्लास के लिए तत्काल टिकट बुकिंग विंडो सुबह 10 बजे जबकि नॉन-एसी क्लास के लिए बुकिंग विंडो सुबह 11 बजे खुलती है।
पीआरएस (PRS) काउंटरों के अलावा, तत्काल सिस्टम के तहत टिकट भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की वेबसाइट या उसके ऐप के जरिए भी बुक किए जा सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा केवल आधार ऑथेंटिकेटेड (Aadhaar authenticated) वाले यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
डिपार्चर से पहले चार्ट तैयार करने का समय
भारतीय रेलवे द्वारा जारी नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन ट्रेनों का प्रस्थान समय सुबह 05:01 बजे से दोपहर 14:00 बजे के बीच है, उनका पहला आरक्षण चार्ट (Reservation Chart) यात्रा से एक दिन पहले रात 20:00 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा।
वहीं जिन ट्रेनों का प्रस्थान समय दोपहर 14:01 बजे से रात 23:59 बजे के बीच है और जो ट्रेनें रात 00:00 बजे से सुबह 05:00 बजे के बीच रवाना होती हैं, उनका पहला आरक्षण चार्ट प्रस्थान समय से कम-से-कम 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा।
8 घंटे से कम समय में टिकट कैंसिल किया तो नहीं मिलेगा रिफंड
भारतीय रेलवे ने हाल ही में अपनी टिकट कैंसिलेशन पॉलिसी में बदलाव किया है। देश की सबसे बड़ी ट्रांसपोर्टर रेलवे ने स्पष्ट किया कि अगर यात्री ट्रेन टिकट अपने निर्धारित यात्रा समय से 8 घंटे से कम समय पहले रद्द करते हैं तो उन्हें कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा। कैंसिलेशन के लिए पेनल्टी अवधि की जानकारी देते हुए बताया गया कि अगर टिकट को यात्रा से 72 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो अधिकतम रिफंड मिलेगा। अगर टिकट 72 से 24 घंटे के बीच रद्द किया जाता है तो किराए का 25% काटा जाएगा। जबकि 24 से 8 घंटे के बीच रद्द करने पर 50% पैसा काट लिया जाएगा।
