गुरुवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेल में नए सुधारों की घोषणा की। नए सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ विज़न के अनुरूप हैं। इन सुधारों में नई रेल टेक पॉलिसी और रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल मामलों के निपटारे शामिल हैं। रेल और टेक्नोलॉजी के इंटिग्रेशन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को ‘रेल टेक पोर्टल’ लॉन्च किया।
इस प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय रेलव इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर इनोवेशन को बढ़ावा देगा। डिटेल्ड प्रपोज़ल सबमिनशन के लिए नए ‘रेल टेक पोर्टल’ के जरिए चयन प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा।
रेल और आईटी मंत्रालय, दोनों मंत्रालयों का कार्यभार संभाल रहे अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूरा जोर नई टेक्नोलॉजी को आज़माने पर होगा ताकि भारतीय रेलवे के सामने मौजूद मौजूदा चुनौतियों को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा, ”स्टार्टअप्स को रेलवे से एक व्यवस्थित तरीके से जुड़ने का मौका मिलना चाहिए। रिसर्च करने वाले लोग भी सीधे रेलवे से जुड़ सकें। कोई बाधा नहीं होगी और कोई भी रेलवे से जुड़ सकता है। इसी उद्देश्य से रेलटेक पॉलिसी शुरू की गई है और पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी।”
पिछले महीने अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक की थी जिसमें 2026 के दौरान 52 हफ्तों में 52 प्रमुख सुधार लागू करने का रोडमैप पेश किया गया। चर्चा का केंद्र बुनियादी ढांचे के विस्तार, रखरखाव प्रणाली में सुधार और नेटवर्क क्षमता बढ़ाने पर रहा। अधिकारियों ने माना कि यात्रियों की सुविधाएं बेहतर करने और परिचालन सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे में बड़े बदलाव जरूरी हैं।
रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा पर विशेष जोर देने की बात भी कही गई है जिसमें 2025-26 में दर्ज 11 रेल दुर्घटनाओं की संख्या को घटाकर एकल अंक (single digit) तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। सुधार एजेंडे के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी के व्यापक इस्तेमाल, टैलेंट डिवेलपमेंट और ट्रेनिंग सिस्टम के मॉडर्नाइज़ेशन व खानपान सेवाओं में सुधार जैसे कदम भी प्रस्तावित हैं।
रेल मंत्री ने ‘रेल टेक पोर्टल’ की खासियतें भी गिनवाईं:
इनोवेटर द्वारा प्रस्तावों का एक ही स्टेज में डिटेल्ड सबमिशन
स्केल-अप ग्रांट में तीन गुना से अधिक की बढ़ोतरी
प्रोटोटाइप विकास और परीक्षण के लिए अधिकतम अनुदान दोगुना
यूजर फ्रेंडली इंटरफेस
इनोवेशन चैलेंज
हाथियों के रेलवे ट्रैक पर आने की पहचान करने के लिए AI सिस्टम
ट्रेन के डिब्बों में आग लगने की पहचान करने वाला AI सिस्टम
ड्रोन की मदद से टूटी हुई रेल पटरी की पहचान
रेल पटरी पर पड़ने वाले दबाव (stress) की निगरानी करने वाला सिस्टम
पार्सल वैन में सेंसर से वजन मापने की मशीन
ट्रेन के डिब्बों पर सोलर पैनल लगाने की व्यवस्था
ट्रेन के डिब्बों की सफाई पर नजर रखने वाला AI सिस्टम
कोहरे में रुकावट/अवरोध पहचानने की तकनीक
AI के जरिए पेंशन और विवादों का समाधान
रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (RCT)
यह नागरिकों के लिए बनाई गई एक डिजिटल व्यवस्था है जिससे अदालत के मामलों की प्रक्रिया आसान और मॉडर्न बनेगी
इसका मकसद देशभर में मौजूद सभी 23 RCT बेंचों को डिजिटल रूप से कनेक्ट करके कामकाज को तेज, पारदर्शी और सुलभ बनाना है
इससे लोग कहीं से भी, किसी भी समय (24×7) ऑनलाइन तरीके से अपना केस दर्ज कर सकेंगे
सभी यूज़र्स को अपने आप मैसेज/सूचना मिलती रहेगी
मामलों की संख्या और स्थिति रियल-टाइम में दिखेगी। इससे जल्दी निपटारा होगा
दस्तावेज़ों का काम ऑटोमैटिक होगा और तुरंत जानकारी मिलेगी
मामलों को प्रोसेस करने में AI (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल होगा
