ताज़ा खबर
 

एयरलाइन्स की तरह रेलवे भी दे सकती है किराए में 20 से 50 फीसदी की छूट!

सूत्रों के मुताबिक 20 से 50 प्रतिशत तक की प्रस्तावित छूट बुकिंग के समय उपलब्ध रिक्त सीटों की संख्या पर निर्भर करेगी। समिति ने यह भी सुझाव दिया कि जिस तरह से हवाई यात्रियों को आगे की सीटों के लिए ज्यादा दाम चुकाने पड़ते हैं, यात्रियों को नीचे की सीटों के लिए ज्यादा दाम चुकाने होंगे।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

अगर आप हवाई यात्रा की तरह रेल यात्रा की भी लंबे समय पहले योजना बनाएंगे तो रेलवे आपको बम्पर छूट दे सकती है। अगर किराया समीक्षा समिति की सिफारिशों को रेलवे बोर्ड मान लेता है तो यह छूट यात्रियों को मिल सकती है। सूत्रों ने कहा कि इस सप्ताह अपनी रिपोर्ट सौंपने वाली समिति ने किसी ट्रेन में रिक्त सीटों की संख्या के आधार पर किराए में छूट तय करने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने कहा कि एयरलाइनों की किराया व्यवस्था की तरह, अगर आप ट्रेन की टिकट महीनों पहले बुक कराते हैं तो आप भारी छूट प्राप्त कर सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक 20 से 50 प्रतिशत तक की प्रस्तावित छूट बुकिंग के समय उपलब्ध रिक्त सीटों की संख्या पर निर्भर करेगी। समिति ने यह भी सुझाव दिया कि जिस तरह से हवाई यात्रियों को आगे की सीटों के लिए ज्यादा दाम चुकाने पड़ते हैं, यात्रियों को नीचे की सीटों के लिए ज्यादा दाम चुकाने होंगे। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, विकलांगों और गर्भवती महिलाओं को इन सीटों का आवंटन मुफ्त में किया जाएगा।

HOT DEALS
  • Honor 7X Blue 64GB memory
    ₹ 16010 MRP ₹ 16999 -6%
    ₹0 Cashback
  • Honor 7X Blue 64GB memory
    ₹ 16010 MRP ₹ 16999 -6%
    ₹0 Cashback

अधिकारियों ने कहा कि समिति ने यह भी सुझाव दिया कि उन ट्रेनों का किराया बढ़ाया जाए जो गंतव्य तक सुबह जैसे ‘‘सुविधाजनक’’ समय पर पहुंचती है। सूत्रों ने कहा कि रेलवे बोर्ड इन सिफारिशों को मंजूरी देने से पहले इनमें कुछ बदलाव कर सकता है। बता दें कि इस समिति में रेलवे बोर्ड के कुछ अधिकारियों के अलावा नीति आयोग के सलाहकार रविन्दर गोयल, एयर इंडिया के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (रेवेन्यू मैनेजमेंट) मीनाक्षी मलिक, प्रोफेसर एस श्रीराम और ली मेरिडियन के डायरेक्टर इति मनी शामिल हैं।

सूत्रों ने बताया कि समिति ने सिफारिश की है कि किराए में आने वाले अंतर को डिमांड और सप्लाय के अनुपात के हिसाब से तय करने का जिम्मा जोनल रेलवे पर छोड़ देना चाहिए। इसके अलावा समिति ने सिफारिश की है कि पर्व-त्योहारों के दिनों में एक समान किराए की जगह इनक्रीजिंग फेयर लागू की जाय जबकि गैर त्योहारी सीजन में इसे कम कर दिया जाय। पैंट्री कार वाली ट्रेनों और रातभर में यात्रा पूरी करने वाली ट्रेनों के लिए भी प्रीमियम चार्जेज लगाने की सिफारिश कमिटी ने की है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App