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पीयूष गोयल ने ब‍िना नाम ल‍िए की पीएम की तारीफ, बोले- चाय वाले में बड़ी ताकत होती है

पीयूष गोयल ने कहा कि 'जब मैने सुना कि WiFi सर्विस ₹5 में मिल जाती है तो मुझे ध्यान आया कि एक चाय वाले में कितनी ताकत है, किसी ने कल्पना नही की थी, कि जितने में एक प्याला चाय नही मिलती, उतने में इंटरनेट मिल जाता है'।

रेल मंत्री पीयूष गोयल। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि चाय वाले में बड़ी ताकत होती है। नई दिल्ली में Wi-Fi चौपाल पर आयोजित एक वर्कशॉप में शिरकत करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि ‘जब मैने सुना कि WiFi सर्विस ₹5 में मिल जाती है तो मुझे ध्यान आया कि एक चाय वाले में कितनी ताकत है, किसी ने कल्पना नही की थी, कि जितने में एक प्याला चाय नही मिलती, उतने में इंटरनेट मिल जाता है’। पीयूष गोयल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 4 वर्षों में साफ नीयत से, सही दिशा में, सही विकास दिया है, उसमे रेलवे में भी तेज प्रगति का दौर रहा है, और सबसे बड़ा बदलाव सोच में आया है।

रेल मंत्रालय ने हाल ही में ‘Menu on Rails’ नाम से एक ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए रेल यात्री सफर करते वक्त खाने का मेन्यु और उसके दामों के बारे में सही-सही जानकारी हासिल कर सकते हैं। मंत्रालय का कहना है कि इससे यात्रियों से विभिन्न व्यंजनों के लिए मनमाना दाम वसूलने पर लगाम लगेगी। फिलहाल आपको बता दें कि पिछले दो महीने से ट्रेनों की लेट-लतीफी ने यात्रियों को परेशान कर रखा है।

ट्रेनें 50-50 घंटे की देरी से चलने का रिकॉर्ड बना रही हैं। इतना ही नहीं राजधानी और सुपरफास्ट ट्रेनें भी इस समय देरी से चल रही हैं। जबकि ट्रेनों की इस धीमी चाल पर रेलवे बोर्ड लगातार यह तर्क दे रहा है कि विभिन्न जगहों पर मेन्टेनेन्स का कार्य चलने की वजह ट्रेनों के आवागमन में देरी हो रही है। हालांकि बीते दिनों हुए एक बैठक के दौरान रेल मंत्री ने मरम्मत के कार्यों की वजह से ट्रेनों की लेटलतीफी की बात मानने से इनकार करते हुए सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को साफ हिदायत दी है कि अगर ट्रेनों को समय से नहीं चलाया गया तो उनके प्रमोशन रोक दिये जाएंगे।

इतना ही नहीं एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब रेल मंत्री रेल मंत्रालय की उपलब्धियों का बखान कर रहे थे तो एक पत्रकार ने रेलवे की समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित सुझाव पत्र उन्हें सौंपा। इसपर मुस्कुराते हुए पीयूष गोयल ने पत्रकार को ऑफर कर दिया कि वो एक दिन के लिए रेल मंत्री बन जाएं। रेल मंत्री ने इस पत्रकार से कहा था कि फिल्म नायक की तरह एक दिन आप मेरी जगह लो और खुद नियम-कायदे कानूनों को लागू करो।

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