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प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया राहुल ने

राहुल गांधी ने ने डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया और उन पर वित्त मंत्री अरुण जेटली का बचाव करने का आरोप लगाया..

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी

कांग्रेस ने डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया और उन पर वित्त मंत्री अरुण जेटली का बचाव करने का आरोप लगाया। विपक्षी दल ने आजाद की एक ‘विसलब्लोअर’ के रूप में सराहना की और कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की बजाय भाजपा नेतृत्व भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले को सजा देना ही उचित मान रहा है। पार्टी ने इस बात पर हैरानी जताई कि क्या पार्टी के एक ऐसे सदस्य को निलंबित करना, जिसने भ्रष्टाचार को उजागर किया है, अच्छे दिन के वादे का नया मतलब है। पार्टी का इशारा प्रधानमंत्री की ओर से चुनाव के समय किए गए अच्छे दिन के वादे की ओर था ।

प्रधानमंत्री के चुनावी नारे ‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा’ का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा- मोदी जी चुनाव के दौरान तरह-तरह के घोटालों की बातें करते थे और कहा था कि वे भ्रष्टाचार की इजाजत नहीं देंगे। लेकिन अब घोटाले हो रहे हैं और सबसे ताजा क्रिकेट घोटाला है। इसे उजागर करने वाले सांसद को निलंबित कर दिया गया और न खाऊंगा और न खाने दूंगा की बात कहने वाले प्रधानमंत्री जी बिल्कुल चुप हैं। लोगों का भरोसा टूटने लगा है।

राहुल अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अमेठी के दो दिवसीय दौरे से वापस लौटते समय लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। इधर दिल्ली में कांग्रेस ब्रीफिंग में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने राजग सरकार पर भ्रष्टाचार पर उसके मानदंड को लेकर सवाल उठाया और भाजपा को याद दिलाया कि यूपीए शासनकाल के दौरान वह ऐसी घटनाओं को मुद्दा बनाया करती थी।

अश्विनी कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि डीडीसीए घोटाले की एक सही और विश्वसनीय जांच की उम्मीद और इस मांग पर कि सार्वजनिक जीवन में सुचिता को सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री अपने वित्त मंत्री अरुण जेटली को बर्खास्त करें, के बीच मोदी ने ठीक विपरीत काम किया। कांग्रेस पार्टी यह पूछने को बाध्य हुई है कि आखिर प्रधानमंत्री और भाजपा भ्रष्टाचार के मुजरिम का बचाव, समर्थन और संरक्षण क्यों कर रही है।

राहुल गांधी ने कहा- प्रधानमंत्री को एक्शन लेना चाहिए और डीडीसीए के मामलों की जांच करानी चाहिए, जिसके 13 बरसों तक जेटली अध्यक्ष रहे हैं। गौरतलब है कि भाजपा सांसद और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी कीर्ति आजाद ने डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ एक अभियान चलाया था। हाल में उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में जेटली का नाम लिए बिना उन पर परोक्ष रूप से गंभीर आरोप लगाए थे। भाजपा संसदीय बोर्ड ने बुधवार को आजाद को पार्टी से निलंबित कर दिया। भाजपा ने आजाद पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए कांग्रेस व आप के साथ साठगांठ करने का आरोप लगाया।

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